चोरी और गृह-अतिचार के मामले में तीन दोषियो को सात-सात साल का कठोर कारावास

 सारंगपुर।सारंगपुर के वरिष्ठ भाजपा नेता व प्रसिद्ध व्यवसायी पुरुषोत्तम दंडवानी और गोकुल दंडवानी के निवास पर हुई दुस्साहसिक चोरी व गृह-अतिचार की वारदात में न्यायालय ने त्वरित और कडा फैसला सुनाया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश तरुण सिंह के न्यायालय ने मामले की गंभीरता और अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों के आधार पर तीनों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए 7-7 वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में राजगढ़ एसपी अमित तोलानी की सघन जांच और कार्रवाई के कारण एक वर्ष बीतने से पहले आरोपितों को सजा हुई है, जिससें पुलिस और न्यायालय के प्रति लोगो का भरोसा जगा है।
 मामला: वरिष्ठ भाजपा नेता के घर हुई थी दुस्साहसिक चोरी-घटना थाना सारंगपुर क्षेत्र की है, जहाँ वरिष्ठ भाजपा नेता व व्यवसायी श्रीदंडवानी के घर को अपराधियों ने निशाना बनाया था। आरोपित रात्रि के समय अवैध रूप से घर में घुसे और चोरी के साथ-साथ मारपीट जैसी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए थे। क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यवसायी और राजनीतिक हस्ती के घर हुई इस घटना से इलाके में हडकंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस एसपी अमित तोलानी, एसडीओपी अरविंद सिंह अपने बल के साथ मौके पर पहुंुचे थे, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 763/25 दर्ज किया। गहन विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया।
इन दोषियों को मिली सजा-मामले में दोषी पाए गए तीनों आरोपित आपराधिक पृष्ठभूमि से संबंध रखते हैं तथा जिला गुना के निवासी हैं, जिसमें साहिल पिता समरथ मोंगिया, समरथ पिता मुकद्दर पारदी तथा मुकद्दर पिता अर्जुन पारदी (तीनों निवासी पारदी चक, ग्राम मुरादपुर, थाना धरनावदा, जिला गुना है।  न्यायालयीन विचारण के दौरान तीनो पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 312 और 331(6) के तहत मामला चलाया गया। मुख्य अपराध धारा 312 बीएनएस के तहत सिद्ध होने पर अदालत ने सजा निर्धारित की। तीनों अभियुक्तों साहिल, समरथ और मुकद्दर को 7-7 वर्ष का कठोर कारावास। मुख्य अभियुक्त साहिल पर जुर्माना 6500 का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। जुर्माना न भरने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सह-अभियुक्त समरथ और मुकद्दर पर 5500 – 5500 रूपये का अर्थदंड लगाया गया। न्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, पुलिस विवेचना रिपोर्ट और आरोपियों से जब्त सामग्री को मजबूती से अदालत के समक्ष रखा। साक्ष्यों की अटूट कडी ने आरोपितों के अपराध को संदेह से परे सिद्ध कर दिया। मामले में अभियोजन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी बृज किशोर चौहान ने प्रभावी पैरवी की।

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