अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का सरगना सहित 6 गिरफ्तार, 11 करोड़ रू. से अधिक की ठगी का खुलासा

मंदसौर। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा के नेतृत्व में मंदसौर पुलिस ने मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए ठगी करने वाले बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मामले में मुख्य सरगना सहित 6 आरोपी गिरफ्तार हुए है। पुलिस ने आरोपियेां से 22 एंड्रॉइड फोन, 30 फर्जी सिम, 5 एटीएम कार्ड और विभिन्न खातों में जमा 8 लाख से अधिक की राशि होल्ड (फ्रिज) कराई गई है।एसपी विनोद कुमार मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि शामगढ़ निवासी एक पीड़िता से खुद को एनआरआई बताकर और कस्टम ड्यूटी व पार्सल के नाम पर 7.5 लाख की ठगी की गई थी। फरियादिया को फ्रॉड व्यक्ति द्वारा अपने झांसे में लेकर स्वयं को एनआरआई होना बता कर दिग्भ्रमित करता रहा। अपने नकली फोटो, नकली परिजनों से व्हाट्सएप्प पर बात करवाना तथा पूर्णतः यह साबित करना कि वो फरियादिया से शादी करने को राजी है। फरियादिया जब पूर्ण रूपेण आश्वस्त ओर प्रलोभित हो गई तब विदेशी गिफ्ट भेजना, गिफ्ट कस्टम द्वारा पकड़ना तथा तरह तरह के सेल्स टैक्स इत्यादि को लेकर कस्टम ऑफिसर के फोन से डरा  धमकाकर मोटी रकम वसूल कर ली ।  थाना शामगढ़ पर धारा 318(4) बी.एन.एस. दर्ज कर अनुसंधान में लिया गया ।एसडीओपी दिनेश प्रजापति और शामगढ़ थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्रीय की टीम ने डेढ़ महीने की कड़ी तकनीकी जांच के बाद जयपुर (राजस्थान) और अरवल (बिहार) में दबिश देकर गिरोह के सरगना त्रिलोकी कुमार सहित 6 आरोपियों शिवम गुप्ता, बबलू कुशवाहा, गुंजन गुप्ता, शशि कुमार और टोनी कुमार सभी निवासी बिहार को गिरफ्तार किया।जांच में सामने आए मुख्य तथ्य अनुसार गिरोह देश भर में 100 से अधिक साइबर वारदातों को अंजाम दे चुका है। ठगी के लिए 150 से अधिक फर्जी बैंक खातों और दिल्ली, आगरा, भोपाल, बिहार से ली गई सिम का इस्तेमाल किया जाता था। आरोपी देश के अलग अलग कोने में बैठकर ठगी का व्यवसाय संचालित करते थे। प्रारम्भिक जॉच में पता चला है कि आरोपी 11 करोड़ से अधिक की राशी की ठगी कर चूके है।
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के लुभावने ऑफर, ऑनलाइन ट्रेडिंग या शादी के झांसे में न आएं। ओटीपी, पासवर्ड या पिन किसी से साझा न करें।

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