मेडिकल दुकानों की मनमानी पर विभाग मौन: 3 पैथोलॉजी लैब सील के बाद मेडिकल दुकानों पर कार्रवाई कब

सारंगपुर।स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बीते दिवस अचानक कार्रवाई कर शहर की तीन पैथोलॉजी लैबों को दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर सील किया तो स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी व्यवस्था पर फिर सवाल खडे हो गए हैं। कार्रवाई के दौरान कुछ लैबों के शटर बंद मिलने से जांच का दायरा भी चर्चा में रहा। शहर और आसपास की मेडिकल दुकानों की जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कुछ दुकानों पर मरीज के लक्षण सुनकर ही दवा देने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में केवल दुकान में दवाओं की उपलब्धता देखना पर्याप्त नहीं, बल्कि प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं की बिक्री, बिलिंग, स्टॉक और रिकॉर्ड की भी औचक जांच जरूरी है।
लैबों पर कार्रवाई हुई तो मेडिकल दुकानों पर भी नजर जरूरी-बीते दिन की गई कार्रवाई ने यह साफ किया कि दस्तावेज और नियमों की जांच केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसी तरह मेडिकल दुकानों में भी यह देखना जरूरी है कि कौन-सी दवा बिना पर्ची दी जा रही है, उसका बिल काटा जा रहा है या नहीं और स्टॉक का रिकॉर्ड नियमानुसार दर्ज है या नहीं। खासकर ऐसी दवाएं जिनकी बिक्री चिकित्सकीय पर्ची के आधार पर होनी चाहिए, उनकी बिक्री की वास्तविक स्थिति जांच का अहम हिस्सा हो सकती है।
बीमारी बताई… दवा मिली, डॉक्टर की जरूरत नहीं-शहर में मेडिकल दुकानों को लेकर शिकायत है कि मरीज डॉक्टर के पास जाने के बजाय सीधे मेडिकल संचालक को बीमारी या लक्षण बताता है और उसके आधार पर दवा मिल जाती है। बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारी वाले मरीजों के मामले में ऐसी व्यवस्था जोखिम बढा सकती है। दवा सही है या गलत, यह केवल लक्षण सुनकर तय नहीं किया जा सकता। इसलिए औचक जांच में पर्ची के साथ-साथ बिक्री रिकॉर्ड और स्टॉक का मिलान भी जरूरी है।

बोले जिम्मेदार-मेडिकल दुकानों की नियमित जांच की जाती है। बिना डॉक्टर की पर्ची दवा देने की शिकायत मिलने पर संबंधित मेडिकल संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में औचक निरीक्षण कर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
                                                                                     दिलीप अग्रवाल, डीआई, राजगढ।
जनस्वास्थ्य से खिलवाड करने वाली किसी भी अनधिकृत लैब को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जल्द ही फिर से सख्त अभियान चलाया जाएगा।
                                                             डा. जलालउद्दीन शेख, डीएचओ,राजगढ़।
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