उज्जैन। “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान में औषधि विभाग भी मैदान में उतर आया है। इसके चलते अब नशेडियों द्वारा उपयोग ली जाने वाली औषधियों के फिजूल विक्रय पर रोक लगाने की तैयारी हो गई है। संभागीय मुख्यालय उज्जैन में मेडिकल स्टोर्स से लेकर अब थोक विक्रेताओं को दायरे में लिया गया है। रतलाम,मंदसौर सहित संभाग के सभी जिलों में मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई का दौर शुरू हो चुका है।
उज्जैन कलेक्टर रोशनकुमारसिंह के निर्देश पर जिले में औषधि निरीक्षकों ने नशे के विरूद्ध कार्रवाईयों को तेज कर दिया है। अभियान के तहत नारकोटिक्स औषधियों एवं कोडिन युक्त कफ सिरप सहित अन्य दवाओं के हिसाब किताब को दायरे में लिया गया है। इसके तहत थोक विक्रेताओं को भी सूचना जारी की गई है।
थोक विक्रेताओं से मांगी जानकारी-
जिले में नार्कोटिक्स श्रेणी की औषधियों के दुरूपयोग की सम्भावना के चलते NRx औषधियों का क्रय-विक्रय सम्पूर्ण नियमों का पालन करते हुए औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940, नियमावली 1945 के तहत ही किए जाने के लिए निर्देशित किया गया है। निरीक्षक धर्मेन्द्रसिंह कुशवाह के अनुसार औषधि विक्रेताओं के साथ केमिष्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन जिला उज्जैन को पत्र जारी किया गया है। औषधियों के दुरूपयोग की सम्भावना को दृष्टिगत रखते हुए थोक विक्रेताओं से 01 अप्रैल 2026 से वर्तमान तक की समस्त नार्कोटिक्स श्रेणी की औषधियों के क्रय-विक्रय की जानकारी 05 दिवस में मांगी गई है। जानकारी नहीं देने और छिपाने की दशा में कार्रवाई की हिदायत दी गई है। इसके साथ ही यदि किसी रिटेल औषधि विक्रेता द्वारा नार्कोटिक्स श्रेणी के साथ ही ऐसी औषधियों का जिले अथवा राज्य के बाहर से क्रय किया गया हो तो वह जानकारी भी मांगी गई है।
इन औषधियों के दुरूपयोग की संभावना-
जारी पत्र में औषधियों के उल्लेख के साथ उनके दुरूपयोग की संभावना जताई गई है। इसमें NRx शेड्यूल एच-1 के अंतर्गत आने वाली औषधियाँ जैसे अल्प्राजोलम, डायजेपाम, नाइट्राजिपम , क्लोनाजिपाम, कोडिन युक्त ट्रामाडोल , मेडाजोलम ,पेन्टाजोशिन , जोलपीडेम , क्लोबाजाम , लोराजेपाम, Phenobarbitione, Pheniramine Maleate Inj.एवं Avil Injection (Human and Veterinary both), Chlordizepoxide, Escitalopram, Buprenorphene, MTP Kit (Mifepristone and Misoprostol tablets), Spirit आदि औषधि बताई गई हैं।
रतलाम में अभिलेखों की जांच,नोटिस-
रतलाम में कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देशन में शहर के मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण कर नारकोटिक्स औषधियों एवं कोडीन युक्त कफ सिरप के स्टॉक तथा क्रय-विक्रय अभिलेखों की जांच की गई।
औषधि निरीक्षक अजय कुमार मीणा ने बताया कि नाहरपुरा स्थित शहनाज मेडिकल, शास्त्री नगर स्थित न्यू नेशनल मेडिकल तथा रतलाम हॉस्पिटल परिसर स्थित रतलाम केमिस्ट का निरीक्षण किया गया। इस दौरान टॉसेक्स सिरप, एलप्रेक्स टैबलेट एवं ट्रामाडोल इंजेक्शन सहित नारकोटिक्स श्रेणी की औषधियों की उपलब्धता तथा उनके क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेखों का परीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान शहनाज मेडिकल एवं न्यू नेशनल मेडिकल द्वारा मौके पर क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जा सके। दोनों प्रतिष्ठानों को दो दिवस के भीतर समस्त नारकोटिक्स औषधियों के क्रय-विक्रय अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित मेडिकल स्टोरों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए उनके लाइसेंस के निलंबन अथवा निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।रतलाम केमिस्ट द्वारा निरीक्षण के दौरान सभी आवश्यक अभिलेख मौके पर ही प्रस्तुत कर दिए गए।