सनावद। बच्चों को उनके अधिकारों और कानून के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सनावद में सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा और सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की सीख दी गई।इस दौरान रविन्द्र अम्बिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह उम्र पढ़ने, खेलने और अपना भविष्य संवारने की है। विद्यार्थी बुरी संगत, नशे और बाल मजदूरी से दूर रहें। उन्होंने बताया कि 14 से 18 वर्ष के किशोरों को पटाखा फैक्ट्री, खदान सहित किसी भी खतरनाक उद्योग में काम पर नहीं लगाया जा सकता। ऐसा करने वाले नियोजकों के खिलाफ जेल और जुर्माने का प्रावधान है।उन्होंने विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे वाहन न चलाएं। दुर्घटना होने की स्थिति में अभिभावकों को भी कानूनी और आर्थिक जिम्मेदारी उठानी पड़ सकती है। साथ ही ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और जुए जैसी गतिविधियों से दूर रहकर पढ़ाई पर ध्यान देने तथा माता-पिता और शिक्षकों की बात मानने की समझाइश दी।
, बाल मजदूरी और ऑनलाइन जुए से दूर रहने की विद्यार्थियों को सुरक्षित बचपन शिविर में दी जानकारी