गुणवत्ता की स्पाट पर जांच,मेला अधिकारी ने प्रयोगशाला भी देखी   सिंहस्थ की निर्माणाधीन सडक कसौटी पर आई -सिक्स लेन की दो सडकों से लिए सेंपल और कराई गई जांच

उज्जैन । सिहंस्थ महापर्व 2028 के विश्व स्तरीय आयोजन के लिए विकास कार्यों के साथ नवीन सड़क निर्माण, मार्ग चौड़ीकरण और ब्रिज का निर्माण के कार्य प्रगतिरत है। गुरूवार को नियमित निरीक्षण के तहत संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह ने सड़क निर्माण कार्य में उपयोग की गई निर्माण सामग्री की गुणवत्ता परीक्षण स्पाट पर ही सेंपल लेकर करवाया है। इसके साथ ही उन्होंने प्रयोगशाला को भी देखा है।मेला अधिकारी एवं संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने लोक निर्माण विभाग की केंद्रीय परीक्षण प्रयोगशाला की टीम के साथ नानाखेड़ा चौराहा पर निर्माणाधीन सिक्स लेन सड़क निर्माण और लालपुल से भूखी माता होकर मुरलीपुरा बडऩगर रोड़ तक निर्माणाधीन सिक्स लेन सड़क निर्माण कार्य में उपयोग की गई सामग्री की मानक स्तर पर गुणवत्ता की जांच कराई।समक्ष में कराई जांच एवं जानकारी ली-श्री सिंह की उपस्थिति में अधिकारियों ने सड़क निर्माण के एक हिस्से से खोदकर निर्माण सामग्री निकालने के बाद इसका परीक्षण प्रयोगशाला में विभिन्न स्तरों पर कराया है। प्रयोगशाला में निर्माण सामग्री के परीक्षण के बाद मूल्यांकन का मानक स्तर रजिस्टर में दर्ज किया गया। श्री सिंह ने क्वालिटी परीक्षण प्रयोगशाला का निरीक्षण कर विभिन्न परीक्षण में उपयोग होने वाली मशीनों की जानकारी भी ली।मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें-उन्होंने सिंहस्थ महापर्व के लिए निर्माणाधीन ब्रिज निर्माण, सड़क निर्माण, मार्ग चौड़ीकरण कार्य, शिप्रा नदी पर घाट निर्माण सहित अन्य प्रचलित विकास कार्यों में निर्माण सामग्री के उपयोग के दौरान गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के लिए निर्देशित किया। इसके साथ ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की नियमित मॉनीटरिंग करने वाले अधिकारी सामग्री की प्रयोगशाला में जांच कराने के साथ ही जांच रिपोर्ट भी प्रतिदिन की तैयार रखें। मेला अधिकारी श्री सिंह ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व के अंतर्गत प्रचलित निर्माण कार्यों में क्वालिटी से किसी तरह का कोई समझौता नही होगा। सभी विभाग मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें।ऐसे हुई निर्माण सेंपल की जांच-

-कंप्रेसिव स्ट्रेंथ- कंक्रीट के क्यूब्स बनाकर पानी में रखकर इसकी भार सहने की क्षमता मापी जाती है।सेटिंग टाइम- सीमेंट तय समय में जम रहा है या नहीं।क्यूब टेस्ट और स्लम टेस्ट-कांक्रीट की गुणवत्ता और कार्य करने की क्षमता जांची जाती है। स्टील परीक्षण-स्टील की छड़ों की खिंचाव और भार सहने की क्षमता की जांच होती है।-वजन और व्यास -स्टील का वजन और मोटाई मानक के अनुसार होनी चाहिए।क्रशिंग और इम्पैक्ट टेस्ट -पत्थरों पर पडऩे वाले दबाव और झटकों को सहने की क्षमता मापी जाती है।लॉस एंजिल्स एब्रेशन टेस्ट-गिट्टी कितनी घिसती है इसकी जांच होती है।मिट्टी और सब-ग्रेड सीबीआर टेस्ट- सड़क की नींव की मजबूती जांचने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण टेस्ट है।प्रोक्टर कॉम्पेक्शन टेस्ट-मिट्टी में कितनी नमी है और संघनन के बाद उसका घनत्व क्या होगा, यह मापा जाता है।नोट-स्थल पर लोक निर्माण विभाग केंद्रीय लेब अधिकारियों के बताए अनुसार

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