उज्जैन। उज्जैन संभाग के 4 थे जिले में विकास प्राधिकरण के गठन की प्रशासनिक तैयारी तेज हो गई है। मंदसौर कलेक्टर ने प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव शासन को भेजा है। संभाग के उज्जैन,देवास, रतलाम जिला मुख्यालयों पर पूर्व से ही विकास प्राधिकरण काम कर रहा है। अब मंदसौर में इसकी कवायद तेज हो गई है। इसके गठन से शहर के चहुमुखी विकास के मार्ग खुलेंगे।मंदसौर शहर क्षेत्र के चहूमुखी विकास को नवीन आयाम देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा मंदसौर विकास प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया गया है। प्राधिकरण के गठन से शहर के मास्टर प्लान तथा विकास योजनाओ को और नए सिरे से गतिमान किया जा सकेगा। कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग ने बताया कि विकास प्राधिकरण जैसी वैधानिक संस्थाओं के गठन से शहर या क्षेत्र के नियोजित विकास,आधारभूत संरचनाओं के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य संपादित किए जाते हैं। प्राधिकरण के गठन से शहरी क्षेत्र में भूमि के वाणिज्यिक एवं व्यावसायिक उपयोग को नई दिशा मिल सकेगी। नई आवासीय एवं वाणिज्य योजनाओं का विकास, सड़क, पार्क, जल निकासी, सार्वजनिक सुविधाओं आदि का निर्माण व्यापक स्तर पर होगा। इसके अलावा अनाधिकृत विकास एवं अवैध कॉलोनियों पर नियंत्रण रहेगा। भूमि विकास तथा नगरीय विस्तार का नियमन होगा। प्राधिकरण द्वारा विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भूमि का प्रबंधन एवं अधिग्रहण भविष्य में हो सकेगा, जिससे नियोजित विकास द्वारा उद्योग व्यापार एवं निजी निवेश आकर्षित होते हैं रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी के साथ-साथ भविष्य की शहरी आबादी एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई जा सकेंगी। प्रशासन द्वारा मंदसौर विकास प्राधिकरण के गठन के संबंध में प्रेषित प्रस्ताव में आवश्यक जानकारियां समाहित की गई है। जिसमें मंदसौर का भौगोलिक परिदृश्य निवेश क्षेत्र सहित कृषि व्यापार, यातायात, आवागमन तथा अन्य बिंदुओं पर आवश्यक जानकारी सम्मिलित है।1977 से विकास की ट्रेक पर संभाग- उज्जैन संभाग में 1977 से विकास प्राधिकरण की शुरूआत हुई। उज्जैन को संभाग का दर्जा मिलने के साथ ही विकास प्राधिकरण का गठन किया गया था। इसके पहले प्रशासनिक अध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा थे जो कि प्रथम संभागायुक्त भी थे। इसके उपरांत देवास विकास प्राधिकरण का गठन मध्यप्रदेश शासन द्वारा मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 38 की उप धारा(1) अनुसार 19 नवम्बर 1979 को अधिसूचना द्वारा किया गया हैं जिसका प्रकाशन म.प्र. राजपत्र में दिनांक 30 नवम्बर 1979 को किया गया। संभाग में रतलाम जिला मुख्यालय पर सबसे अंत में 2010 में विकास प्राधिकरण का गठन किया गया था। उसके पश्चात पिछले 16 सालों में संभाग के मंदसौर, नीमच, शाजापुर एवं आगर जिलों के विकास को लेकर इस प्रकार की संस्था के गठन की कोई कवायद सामने नहीं आई । हाल ही में मंदसौर कलेक्टर ने इसका प्रस्ताव शासन को भेजा है।
उज्जैन संभाग के 4 थे जिले में विकास प्राधिकरण के गठन की प्रशासनिक तैयारी तेज मंदसौर में भी विकास प्राधिकरण के गठन की कवायद तेज