इंदौर। करंट लगने से युवक की मौत के बाद सिस्टम की संवेदनहीनता सामने आई है। 21 वर्षीय युवक के शव का पोस्टमॉर्टम कराने के लिए परिजन बाइक पर शव लेकर 9 घंटे (करीब 25 किलोमीटर तक) भटकते रहे। आरोप है कि सूचना के बावजूद बाणगंगा पुलिस ने जिम्मेदारी नहीं निभाई। दूसरे दिन हंगामे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, तब जाकर पोस्टमॉर्टम हो सका और अंतिम संस्कार किया गया।जानकारी के मुताबिक, अलवासा गांव निवासी अंकित फुलेरिया पिता दिनेश फुलेरिया को 11 मई को निर्माणाधीन मकान में सरिए की कटिंग के दौरान करंट लग गया था। गंभीर हालत में उसका ममेरा भाई नीलेश और अन्य लोग उसे बाइक से अरबिंदो अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
PM के लिए 9 घंटे बाइक पर शव लेकर भटके परिजन: दूसरे दिन हंगामे के बाद हुआ पीएम