राज्य शिक्षा केंद्र में अटका बजट, 13 हजार से ज्यादा मासूमों का यूनिफॉर्म का इंतजार बरकरार

 सारंगपुर।नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए दो महीने से अधिक का समय बीत चुका है। इस बीच सारगपुर ब्लाक के मेधावी विद्यार्थियों के लिए तो राहत भरी खबर आई है, लेकिन शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पढने वाले मासूमों का निशुल्क यूनिफॉर्म का इंतजार अब भी खत्म नहीं हुआ है।
एक तरफ जहां 12वीं बोर्ड परीक्षा के टॉपरों को आवागमन सुलभ बनाने के लिए ई-स्कूटी और मोटराइज्ड वाहनों की सुविधा दी गई है, वहीं दूसरी तरफ सारंगपुर ब्लॉक के 13 हजार से ज्यादा छोटे बच्चे अब भी फटी-पुरानी ड्रेस या सामान्य कपडों में स्कूल जाने को मजबूर हैं। ब्लॉक के मेधावी विद्यार्थियों के बैंक खातों में मुख्यमंत्री स्कूटी वितरण योजना के तहत जिला कोषालय के माध्यम से सीधे राशि अंतरित (डीबीटी) की जा चुकी है। इससे मेधावियों को उच्च शिक्षा के लिए आने-जाने में आसानी होगी और उनका उत्साहवर्धन भी होगा।

पिछले साल 15 अगस्त को मिल गए थे पैसे, इस बार सितंबर बीता-एक तरफ जहां 12वीं के मेधावियों के खातों में स्कूटी की राशि पहुंच रही है, वहीं दूसरी ओर कक्षा 1 से 8वीं तक के 13 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों की गणवेश योजना ठंडे बस्ते में पड़ी है। पिछले वर्ष 15 अगस्त तक ही सभी पात्र बच्चों के बैंक खातों में गणवेश की निर्धारित 600 रुपये की राशि जमा करा दी गई थी। इस बार सितंबर माह बीतने को है और जिम्मेदार विभाग के पास वितरण की कोई समय सीमा तय नहीं है।
खातों में राशि आएगी या होगी सिलाई, असमंजस बरकरार
इस बार बच्चों को गणवेश किस माध्यम से मिलेगी, इसे लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच ही स्थिति साफ नहीं है। जब इस संबंध में पूछा गया कि क्या गणवेश की राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए भेजी जाएगी, या फिर पूर्व वर्षों की भांति महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से कपडे सिलवाकर बांटे जाएंगे-तो विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस विषय पर शासन या वरिष्ठ कार्यालय से अब तक कोई स्पष्ट निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। स्थानीय स्तर पर सत्यापन की जिम्मेदारी पूरी हो चुकी है, अब जैसे ही राज्य शिक्षा केंद्र से बजट और स्पष्ट गाइडलाइन प्राप्त होगी, वितरण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
सत्यापन पूरा, अब भोपाल के आदेश और बजट की आस-यूनिफॉर्म वितरण में हो रही देरी को लेकर स्थानीय स्तर पर विभागीय कवायद लगभग पूरी हो चुकी है। स्थानीय स्तर पर डेटा फीडिंग और सत्यापन का काम अंतिम चरण में होने के बावजूद आगे की फाइल राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के पाले में अटकी है। राज्य स्तर से बजट स्वीकृत होने और आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
बोले जिम्मेदार-विकासखंड में 13 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों के गणवेश सत्यापन का लगभग शिक्षकों के माध्यम से पूरा कराया जा चुका है। स्थानीय स्तर पर डेटा फीडिंग और सत्यापन का काम अंतिम चरण में है। आगे की प्रक्रिया राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल स्तर पर लंबित है। वहां से बजट स्वीकृत होने और अधिकृत दिशानिर्देश प्राप्त होते ही गणवेश वितरण की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी।
बीएल वर्मा, बीआरसी, सारंगपुर।
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