उज्जैन।
सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए शहर में चल रहे मार्ग चौड़ीकरण कार्यों की गति और गुणवत्ता पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के साथ नगर निगम अधिकारियों, इंजीनियरों और ठेकेदारों की मौजूदगी में शहर के प्रमुख मार्गों पर चल रहे चौड़ीकरण कार्यों का स्थल निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान संभाग आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क चौड़ीकरण के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या धीमी गति स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने इंजीनियरों और संबंधित ठेकेदारों को अपनी कार्यशैली में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए और कहा कि यदि प्रगति में ढिलाई पाई गई तो संबंधित इंजीनियर और ठेकेदार दोनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान टैगोर चौराहे से दो तालाब तक चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। इस मार्ग पर लगभग 9.68 करोड़ रुपये की लागत से 18 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जा रहा है, जहां वर्तमान में ड्रेनेज निर्माण का कार्य प्रचलित है।
इसके अतिरिक्त गेल इंडिया से केटीएम शोरूम होते हुए शांति नगर नीलगंगा चौराहा तक लगभग 2.76 किलोमीटर लंबे मार्ग पर करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से 18 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। वहीं मंछामन से हरी फाटक ब्रिज तक नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के तहत 7.5 करोड़ रुपये की लागत से मार्ग विकास कार्य प्रगति पर है।
संभाग आयुक्त ने क्षेत्र के नागरिकों से भी संवाद किया
निरीक्षण के दौरान संभाग आयुक्त ने क्षेत्र के नागरिकों से भी संवाद किया और उन्हें आश्वस्त किया कि निर्माण कार्यों के दौरान होने वाली असुविधाओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य आगामी सिंहस्थ को देखते हुए शहर में यातायात और आवागमन को सुगम बनाना है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों में गति लाने के लिए आवश्यक संसाधन बढ़ाए जाएं, अतिरिक्त श्रमिक लगाए जाएं तथा जहां आवश्यक हो वहां रात्रिकालीन शिफ्ट में भी काम जारी रखा जाए। साथ ही निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने के निर्देश भी दिए गए।