नीमच।- शहर के मध्य स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान में भवन निर्माण को रोकने और खेल मैदान को यथावत रखने की आवाज उठाते हुए मैदान बचाओ समिति में 28 दिन तक अपना आंदोलन जारी रखा। जिसके साथ ही हजारों लोगों के हस्ताक्षर अभियान के बाद हाई कोर्ट जाने पर वहां उनकी याचिका खारिज कर दी l शहर में चले विरोध के बाद मैदान बचाने की लडाई को हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली। स्कूल क्रमांक-2 के ऐतिहासिक खेल मैदान पर न पर प्रस्तावित सांदीपनी (सीएम राइज) स्कूल का स्थल बदलने की माग वाली जनहित याचिका हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने खारिज कर दी। इसके साथ ही इसी परिसर में स्कूल समय से कोर्ट ने कहा- लंबे सा के उपयोग से जमीन पर खेल के अधिकार नहीं होता, चुकी ओके भूमि शिक्षा केंद्र के लिए स्वीकृत है अब इस मैदान में आप स्कूल भवन निर्माण का रास्ता साफ हो गया। और जस्टिस सुबोध अभ्यंकर जस्टिस जयकुमार पिल्लई की युगलपीठ स्कूल ने आठ पन्नों के आदेश में कहा कि 17 एकड़ जमीन वर्ष 1956 से शिक्षा विभाग के नाम दर्ज है। राजस्व रिकॉर्ड में इसे सार्वजनिक खेल मैदान के रूप में आरक्षित नहीं किया गया।। नागरिकों द्वारा लंबे समय से मैदान के रूप में इस्तेमाल को अदालत ने और सहमति आधारित उपयोग माना, लेकिन इससे जमीन पर अलग अधिकार नहीं बनता। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी परियोजना के लिए स्थल चयन कार्यपालिका का नीतिगत अधिकार है मनमानी साबित होने पर ही न्यायिक हस्तक्षेप का आधार बनता है। सरकार ने कोर्ट को बताया कि भवन बनने के बाद करीब 7 एकड़ खुला क्षेत्र खेल गतिविधियों और स्वतंत्रता दिवस, भर्ती परीक्षण व दीपावली मेले जैसे आयोजनों के लिए उपलब्ध रहेगा। पुराने जर्जर भवन को हटाने के बाद उसकी जमीन भी इस खुले हिस्से में शामिल की बात कही गई। इस तरह सांदीपनी स्कूल भवन निर्माण का रास्ता का हाई कोर्ट के माध्यम से भी साफ हो गया है।
मैदान बचाओ समिति का धरना, हाइकोर्ट में याचिका खारिज