सनावद। शहर में सर्वे नंबर 524(एस) से जुड़े रास्ते को लेकर विवाद सामने आया है। निजी भूखंड स्वामियों का कहना है कि जिस खुले स्थान से लंबे समय से लोगों का आवागमन होता था, वहां नगर पालिका परिषद द्वारा लोहे की फेंसिंग कर दी गई। इससे रास्ता बंद होने के बाद प्रभावित लोगों ने अब नगर पालिका से ही इस कार्रवाई का आधार पूछ लिया है।निलेश पटेल, प्रेमलाल मंडलोई, हरीश पटेल ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को वैधानिक आपत्ति एवं अभ्यावेदन सौंपते हुए फेंसिंग हटाने और आवागमन बहाल करने की मांग की है।
पंजीकृत विक्रय पत्रों का दिया हवाला-आवेदन में बताया गया कि सर्वे नंबर 524(एस) की भूमि निजी स्वामित्व की है और इसके विभिन्न हिस्से अलग-अलग व्यक्तियों को पंजीकृत विक्रय पत्रों के माध्यम से बेचे गए हैं। भूखंडों के बीच छोड़े गए खुले स्थान का उपयोग कॉलोनीवासियों एवं भूखंड स्वामियों द्वारा आवागमन तथा सामूहिक उपयोग के लिए किए जाने का उल्लेख भी आवेदन में किया गया है।
आवेदकों का कहना है कि अब इसी स्थान पर फेंसिंग लगाए जाने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में नगर पालिका की कार्रवाई को लेकर उन्होंने किस आदेश और किस अधिकार के तहत फेंसिंग लगाई गई, इसका जवाब मांगा है।अभ्यावेदन में नगर पालिका से फेंसिंग लगाने संबंधी सक्षम अधिकारी के आदेश, प्रस्ताव एवं वैधानिक आधार की जानकारी मांगी गई है। साथ ही यदि संबंधित भूमि नगर पालिका को हस्तांतरित या अधिग्रहित की गई है तो उसके प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की गई है।अधिकारियों तक पहुंचा मामला-अभ्यावेदन की प्रतियां नगर पालिका अध्यक्ष, एसडीओ (राजस्व) बड़वाह, कलेक्टर खरगोन, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास इंदौर संभाग तथा तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।