टांडा (धार)। डेकाकुंड–टांडा रोड रेलखंड पर सोमवार, 10 अगस्त 2026 को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लोको स्पीड ट्रायल किया गया। पश्चिम रेलवे के अधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस महत्वपूर्ण परीक्षण में रेल लाइन की क्षमता, ट्रैक की स्थिति, सिग्नलिंग, विद्युत आपूर्ति सहित विभिन्न तकनीकी व्यवस्थाओं की कार्यक्षमता परखी गई।स्पीड ट्रायल श्री रजनीश कुमार गोयल, प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर (PCEE) के निरीक्षण में संपन्न हुआ। निर्धारित रेलखंड पर लोको को 120 किमी/घंटे की गति से दौड़ाकर तेज गति से रेल परिचालन के लिए आवश्यक तकनीकी मानकों का परीक्षण किया गया।ट्रायल के दौरान डेकाकुंड–टांडा रोड सेक्शन के RKM 15.68 पर रेलवे अधिकारियों एवं संबंधित तकनीकी टीम ने निरीक्षण किया। इस दौरान ट्रैक, सिग्नलिंग, विद्युत आपूर्ति और परिचालन से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं की स्थिति एवं कार्यक्षमता को बारीकी से जांचा गया।निर्धारित 120 किमी/घंटे की गति पर लोको का सफल संचालन होने के बाद रेलखंड की तकनीकी क्षमता का महत्वपूर्ण परीक्षण पूरा हुआ। इसे क्षेत्र में रेल बुनियादी ढांचे के विकास और आधुनिक रेल परिचालन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।डेकाकुंड–टांडा रोड रेलखंड पर विद्युत संबंधी कार्य जगदंबा इंजीनियर्स एंड बिल्डर्स, बीकानेर (राजस्थान) द्वारा किया गया है। स्पीड ट्रायल के दौरान विद्युत व्यवस्था से जुड़े तकनीकी पहलुओं का भी परीक्षण किया गया।
इस महत्वपूर्ण स्पीड ट्रायल को सफल बनाने में बड़ौदा बिजली विभाग के रेलवे कंस्ट्रक्शन से जुड़े अधिकारियों, सुपरवाइजरों एवं कर्मचारियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम द्वारा रेलखंड पर विद्युत एवं निर्माण से संबंधित कार्यों को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप पूरा करने में सक्रिय भूमिका निभाई गई।