खरगोन। जिला मुख्यालय सहित समस्त विकासखंडों में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) में पदस्थ सपोर्ट स्टॉफ (आउटसोर्स) कर्मियों को बीते तीन माह से मानदेय नही मिला है। मानदेय के अभाव में आर्थिक तंगी से जुझ रहे कर्मचारियों ने बुधवार को ठेका कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सीएमएचओ कार्यालय पहुंचे कर्मचारियों ने शिकायती मांगपत्र सौंपते हुए रुका वेतन जारी करने के साथ ही वेतन में किए जा रहे कटौत्रे एवं इपीएफ का हिसाब देने की मांग की।
सपोर्ट स्टॉफ सबीना खान, राधा परमार, संगीता मंडलोई, मनीषा चौधरी लाडकी मुजाल्दे, सुनीता ठाकुर आदि ने बताया कि वे वर्ष 2009 से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत निष्ठापूर्वक सेवाएं दे रहे हैं। जुलाई 2017 में उन्हें आरकेएस को सौंपा गया, जिसके बाद अगस्त 2019 में उन्हें एक आउटसोर्स एजेंसी कामधेन सिक्युरिटी कम्पनी के अधीन कर दिया गया।मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मप्र भोपाल के 13 अगस्त 2019 के पत्र के अनुसार, सपोर्ट स्टाफ कर्मियों को अद्र्धकुशल श्रेणी के अनुरूप निर्धारित मानदेय और समय-समय पर होने वाली वृद्धि का लाभ मिलना चाहिए, किंतु यह लाभ भी नहीं दिया जा रहा है। कर्मियों ने शिकायत की है कि जब भी वे अपनी समस्याओं को उठाते हैं, तो उन्हें नौकरी से हटाने या सेवा समाप्त करने की धमकी दी जाती है, जिससे उनमें भय और असुरक्षा की भावना है।मानदेय लंबित होने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे दैनिक आवश्यकताएं, बच्चों की शिक्षा और चिकित्सा खर्चों का वहन करना कठिन हो गया है। कर्मियों ने कलेक्टर और सीएमएचओ से मांग की है कि मामले में हस्तक्षेप कर लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए, भविष्य में प्रत्येक माह समय पर मानदेय सुनिश्चित किया जाए और ईपीएफ राशि का कर्मचारीवार विवरण उपलब्ध कराकर उसकी जमा राशि की पुष्टि की जाए।
पोषण केंद्रकर्मियों को 3 माह से नही मिला मानदेय ईपीएफ का हिसाब नहीं :मोर्चा खोल की हिसाब देने की मांग