नगर निगम के वाहन बेडे में 4 नए मोक्ष वाहनअब नगर में शव वाहन की मांग पर नहीं पिटेंगे अधिकारी

उज्जैन। नगर निगम में अब शव वाहन की उपलब्धता को लेकर पार्षद,उनके समर्थकों एवं अधिकारियों के बीच विवाद नहीं होगा। पिछले वर्ष शव वाहन की मांग को लेकर हुए विवाद में एक अधिकारी की पिटाई का मामला हुआ था। नगर निगम ने 1.47 करोड की लागत से नए 8 वाहन खरीदी की है जिसमें से 4 मोक्ष वाहन हैं। इनमें दो छोटे एवं दो बडे हैं। छोटे वाहन गलियों तक पहुंच सकेंगे और सहजता से अंतिम यात्रा को अंजाम देंगे।अनंत चतुर्दशी के पावन पर्व पर नगर निगम उज्जैन के संसाधनों में 1 करोड़ 47 लाख रुपए की लागत से 08 नए वाहन शामिल किए गए। उत्तर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा एवं महापौर मुकेश टटवाल द्वारा वर्कशॉप विभाग प्रभारी जितेंद्र कुवाल एवं अपर आयुक्त संतोष टैगोर की उपस्थिति में विधि-विधान से वाहनों का पूजन कर लोकार्पण किया गया

4 मिनी डंपर,4 मोक्ष वाहन- नगर निगम द्वारा नागरिकों को बेहतर एवं त्वरित सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नए वाहनों की खरीद की गई है। इनमें निगम मद की राशि रुपए लगभग 90 लाख रुपए की लागत से चार मिनी डंपर तथा 57 लाख रुपए की राशि से चार शव वाहन (मोक्ष रथ) शामिल हैं। चार शव वाहनों में दो छोटे एवं दो बड़े मोक्ष रथ हैं।विशेष रूप से छोटे मोक्ष रथों की सुविधा से शहर की संकरी एवं छोटी गलियों में बड़ी राहत मिलेगी।

ये हुआ था अधिकारी के साथ-उज्जैन नगर निगम में शव वाहन को लेकर पार्षद और अधिकारी के बीच मारपीट की घटना आगर रोड स्थित फायर ब्रिगेड कार्यालय में 19 अक्टूबर 2025, रविवार शाम को हुई थी। वार्ड 16 के भाजपा पार्षद के सहयोगी ने शव वाहन शाम 6 बजे के लिए बुक किया था। वे शाम 4 बजे ही वाहन लेने पहुंच गए और तुरंत वाहन की मांग करने लगे। समय को लेकर विवाद बढ़ा और फायर प्रभारी लक्ष्मण प्रसाद साहू (प्रभारी कार्यपालन यंत्री एवं प्रभारी फायर आफिसर) के साथ अभद्रता और थप्पड़ मारने की घटना हुई, जिससे उनका चश्मा टूट गया। साहू की शिकायत पर पार्षद 4 के विरूद्ध कोतवाली थाने में बीएनएस की धारा 296, 115(2), 121(1), 132, 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। घटना से आक्रोशित फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने फायर ब्रिगेड और अन्य वाहन आगर रोड पर खड़े कर करीब 45 मिनट तक चक्काजाम किया था।

31 वाहनों के 9.40 लाख में विक्रय पर संशय-नगर निगम उज्जैन अपने वर्कशाप में खडे 31 वाहनों को मात्र 9.40 लाख में बेचने का निर्णय ले चुका है। नगर निगम वर्कशॉप विभाग द्वारा निगम स्वामित्व के 31 वाहनों को जिनमें आयशर, डंपर, जेसीबी, स्कॉर्पियो, टाटा डंपर, ट्रैक्टर्स, क्वालिस, हाइड्रोलिक डंपर, जीप, हाइड्रा क्रेन शामिल हैं को विक्रय का निर्णय लिया गया है। इन 31 वाहनों में से 13 चालू हालत में हैं। इसे लेकर विपक्ष नेता की आपत्ति भी थी। इसके विक्रय को लेकर निगम की और से कोई स्पष्टीकरण सामने नहीं आने से मामले पर संशय कायम है।

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