उज्जैन। इस वर्ष 14 सितंबर, सोमवार को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का विशेष संयोग बन रहा है। तृतीया तिथि 14 सितंबर की सुबह करीब 7:06-7:07 बजे समाप्त होगी और इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू होगी। उदया तिथि के आधार पर हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर को ही रखा जाएगा।हरतालिका तीज पर महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करेंगी। हरतालिका पूजा का प्रमुख प्रातःकालीन मुहूर्त सुबह 6:05 से 7:06 बजे तक बताया गया है।इसके बाद गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। उज्जैन के पंचांग के अनुसार गणपति स्थापना और पूजन के लिए मध्याह्न मुहूर्त सुबह 11:08 से दोपहर 1:36 बजे तक रहेगा। इस दौरान घरों और सार्वजनिक पंडालों में विधि-विधान से भगवान गणेश की स्थापना की जाएगी।इस तरह सोमवार को सुबह शिव-पार्वती की आराधना और कुछ ही घंटों बाद प्रथम पूज्य भगवान गणेश की स्थापना होगी। दोनों प्रमुख पर्व एक ही दिन होने से धार्मिक नगरी उज्जैन में आस्था और उत्सव का विशेष वातावरण रहेगा।
पंचांग- के अनुसार –14 सितंबर 2026, सोमवार-* हरतालिका तीज पूजा : सुबह 6:05–7:06 बजे-* तृतीया समाप्त : सुबह करीब 7:07 बजे
* गणेश चतुर्थी : –* गणपति स्थापना : सुबह 11:08–दोपहर 1:36 बजे-* चतुर्थी तिथि : 14 सितंबर सुबह 7:07 बजे से रहेगा।