खरसौदकलां।क्षेत्र में मानसून की नाममात्र की बारिश होने से नदी-नाले सूखे पड़े हैं और सोयाबीन की फसल पर भी पानी की कमी का असर दिखाई देने लगा है। फसल खराब होने की चिंता के बीच शुक्रवार को महिलाओं ने बारिश की कामना को लेकर वर्षों पुरानी लोक परंपरा निभाई। बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्रित होकर मेंढक को गोबर में रखकर नगर में घुमाया। इस दौरान महिलाओं ने जूलूस के जरिए मंगल गीत गाते हुए घर-घर जाकर टोकरी में रखे मेंढक पर पानी उंडेला और इंद्रदेव से पर्याप्त बारिश की गुहार लगाई।ग्रामीणों की मान्यता है कि मेंढक का संबंध बारिश और इंद्रदेव से है। इसलिए बारिश नहीं होने पर इस तरह की परंपरा निभाकर इंद्रदेव को प्रसन्न करने का प्रयास किया गया । महिलाओं ने सामूहिक रूप से लोकगीत गाए और अच्छी बारिश के लिए प्रार्थना की।
फसल पर पड़ रहा असर-क्षेत्र में अब तक मानसून की नाममात्र बारिश होने से नदी-नाले सूखे पड़े हैं। खेतों में नमी की कमी का असर सोयाबीन की फसल पर भी दिखाई देने लगा है। किसानों को फसल खराब होने की चिंता सता रही है। ऐसे में ग्रामीण बारिश के लिए पारंपरिक लोक मान्यताओं का सहारा ले रहे हैं।
वैज्ञानिक आधार नहींवैज्ञानिक दृष्टिकोण से मेंढक को गोबर में रखने या नगर में घुमाने और बारिश होने के बीच कोई प्रमाणित संबंध नहीं है। यह ग्रामीण लोक संस्कृति और पारंपरिक मान्यता का हिस्सा है।