उज्जैन। खेतों में लगी पनडुब्बी मोटर चुराने वाला का सुराग चप्पल से पुलिस ने खोज निकाला। नाबालिगों की गैंग रात में वारदात करती थी। तीन को हिरासत में लेने के बाद 1 लाख कीमत की मोटरे बरामद की गई है।
घट्टिया तहसील में कुछ दिनों से खेतों में लगी पनडुब्बी मोटर चोरी होने के मामले सामने आ रहे थे। उज्जैन के अग्रसेन नगर में रहने वाले सिद्धार्थ कटियार के घट्टिया स्थित खेत से 3 मोटर चोरी हो गई थी। उसके द्वारा पुलिस को शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने सिद्धार्थ कटियार के खेत पहुंचकर जांच शुरू की। जहां विशेष प्रकार की चप्पल मिलना सामने आया। शंका जताई गई कि चोरी के दौरान उक्त चप्पल छूटी है। पुलिस ने चप्पल को आधार मानकर पड़ताल शुरू की। सुराग मिलते ही चक नाला क्षेत्र के रहने वाले युवक को पकड़ा गया, वह नाबालिग था। उसे पूछताछ के लिये थाने लाया गया उसने अपने 2 नाबालिग साथियों के साथ मिलकर चोरी करना कबूल कर लिया। दोनों नाबालिगों को पुलिस ने कस्डटी में लिया और उनकी निशानदेही पर 1 लाख कीमत की 3 पनडुब्बी मोटरे बरामद कर ली।
वाट्सएप ग्रुप पर शेयर किया था फोटो
घट्टिया थाना प्रभारी करण खोवाल ने बताया कि उक्त चप्पल बड़े शहरों में पहनी जाती है। गांवों में स्लीपर पहने का चलन है। चप्पल का फोटो वाट्सएप ग्रुप पर ग्राम सेवकों के साथ शेयर किया गया। एक ग्राम सेवक ने बताया कि उक्त चप्पल उसने सोशल मीडिया पर तहसील के एक युवक के पैर में देखी थी। उक्त रील को इंस्टाग्राम पर खंगाला गया। रील सामने आते ही उक्त नाबालिग युवक की जानकारी सामने आ गई। तीनों नाबालिगों ने उज्जैन-आगर मार्ग स्थित सूनसान स्थान पर एक खाई से पनडुब्बी मोटरें छुपाकर रखी थी। जिसे बेचने की फिराक में थे।
शौक पूरे करने के लिये करते थे वारदात
तीनों नाबालिगों से पूछताछ में पता चला कि उनका परिवार खेती किसानी करता है। एक के पिता प्रायवेट जॉब भी करते है। पढ़ाई छोड़ने के बाद शौक पूरे करने के लिये उन्होने चोरी का रास्ता अपना लिया था। दिन में बाइक से घूमते थे और रात में चोरी करने पहुंच जाते थे। पुलिस के अनुसार तीनों के नाबालिग होने पर प्रकरण दर्ज करने के बाद नोटिस तामिल कराकर रिहा किया गया है। तीनों के खिलाफ अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जायेगा।
इनकी रही भूमिका
थाना प्रभारी करण खोवाल ने बताया कि चप्पल से पनडुब्बी मोटर चोरी करने वालो का सुराग तलाशने में ग्राम सेवकों के साथ एएसआई बाबूलाल मालवीय, प्रधान आरक्षक शांतिलाल जाट, वीरपाल सिंह, आरक्षक तहसीलदार सिंह, सैनिक कमल सहयोग रहा।
-रात में करते थे वारदात, चप्पल से मिला सुराग नाबालिगों की गैंग चुराती थी खेतों से पनडुब्बी