दोहरे हत्याकांड के आरोपी ने गरोठ ब्रिज से लगाई छलांग -अभिरक्षा से भागने के प्रयास में घायल

उज्जैन। नीलगंगा चौराहा पर 18 जुलाई को दोहरा हत्याकांड हुआ था। 4 माह बाद पुलिस की हिरासत में आये आरोपी को नागपुर से उज्जैन लाया जा रहा था।  रास्ते में उसने अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया और गरोठ ब्रिज से छलांग लगा दी। आरोपी का एक पैर टूट गया। पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुंची।
पासी समुदाय के 23 बदमाशों ने 18 जुलाई को रंजीश के चलते नीलगंगा चौराहा पर रहने वाले गोरकर परिवार पर कातिलाना हमला कर दिया था। बदमाशों ने गोली चलाई थी और तलवार से वार किये थे। परिवार के 2 भाई लोकेश और जय गोरकर की मौत हो गई। चाचा दिलीप गोरकर और चचेरा भाई तपन घायल हुआ था। पुलिस ने दोहरे हत्याकांड के साथ जानलेवा हमले का प्रकरण दर्ज किया था। 3 माह में 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था।  पांच आरोपी फरार चल रहे थे। जिनकी तलाश जारी थी, एक आरोपी रोहित पिता राकेश बौरासी (27) निवासी जबरन कालोनी के नागपुर में होने की सूचना मिलने पर एक टीम रवाना हुई थी। रविवार को आरोपी को गिरफ्तार कर उज्जैन लाया जा रहा था। नागझिरी गरोठ बायपास ब्रिज पर पुलिस की गाड़ी खराब हो गई। एसआई यादवेन्द्र परिहार और टीम ने मैकेनिक को बुलाया, इसी का फायदा उठाकर आरोपी रोहित ने गाड़ी से निकलकर भागने का प्रयास किया और ब्रिज पर चढ़ गया। पुलिस टीम ने उसे पकड़ने के लिये पीछा किया तो उसने ब्रिज से छलांग लगा दी। एक पैर टूटने पर भागने में नाकाम हो गया। पुलिस उसे दोबारा अभिरक्षा में लेकर चरक अस्पताल लेकर पहुंची। जहां उपचार के लिये भर्ती किया गया है।
30 हजार का घोषित था इनाम
नीलगंगा थाना प्रभारी तरूण कुरील ने बताया कि दोहरे हत्याकांड में कुछ नामजद आरोपी बनाये गये थे। अन्य आरोपियों की पहचान सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की गई थी। पूरे प्रकरण में 23 आरोपियों की पुष्टि हुई थी। जिसमें एक महिला, 2 नाबालिग भी शामिल थे। 18 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। पांच आरोपी फरार चल रहे थे। जिनकी गिरफ्तारी पर 30-30 हजार का इनाम घोषित किया गया था। नागपुर से गिरफ्त में आये आरोपी रोहित पर भी इनाम है।

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