उज्जैन। होटल श्री गंगा में शनिवार रात हुये दर्दनाक घटनाक्रम में चार युवकों की मौत के बाद रविवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान 3 मृतकों के समाज से जुड़े लोग और परिजन मुआवजे की मांग पर अड़ गये। उन्होने शव लेने से मना कर दिया और सड़क पर बैठ गये। मृतकों को शासन स्तर पर 4-4 लाख और होटल प्रबंधन की ओर से 30-30 लाख की सहायता प्रदान किये जाने की बात कहीं गई।
देवासरोड पर श्री गंगा होटल में दीपावली से पहले फूड वेस्ट चैंबर की सफाई के लिये आउटसोर्स कर्मचारियों को बुलाया गया था। शनिवार रात 10 बजे सफाई का काम शुरू किया गया था। 10.30 बजे के लगभग ऊपरी मंजिल से चैंबर में एक युवक संतुलन बिगड़ने से गिर गया। उसे बचाने के लिये एक के बाद एक उतरे 3 युवक भी फंस गये। गैंस की वजह से तीनों बेहोश हो गये और बाहर नहीं आ सके। मामले की जानकारी लगने पर माधवनगर थाना पुलिस की टीम पहुंची, चैंबर को तोड़ने और काटने का काम शुरू किया और डेढ़ घंटे बाद चारों को फूड वेस्ट के मलबे से बाहर निकाला गया। उन्हे सीपीआर भी दिया गया लेकिन उनकी सांसे नहीं लौटी। मृतकों के नाम कमलेश पिता सोहनलाल 30 साल, नितिन पिता ताराचंद्र 22 साल निवासी वाल्मिकीनगर, वाहिद पिता सगीर 35 साल निवासी सुसनेर हाल मुकाम पहलवान पीर का टेकरा जानसापुरा और मनोज पिता रोजमल मीणा 25 साल निवासी मंडावर जिला झालावाड़ राजस्थान सामने आये। मनोज होटल का कर्मचारी था। रविवार सुबह जल्द पोस्टमार्टम कराया गया। मनोज का शव भाई विकास लेकर झालावाड़ के लिये रवाना हो गया, लेकिन तीनों मृतकों के परिजनों और समाजजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। उन्होने मुआवजे की मांग करते हुये सड़क पर धरना दे दिया।
5 लाख से 30 लाख तक पहुंचा मामला
पोस्टमार्टम के दौरान ही मृतकों के परिजनों और समाजजनों ने मुआवजे की मांग शुरू कर दी थी। उनका कहना था कि 1 करोड़ और परिजनों को नौकरी दी जाये। होटल प्रबंधन ने 5-5 लाख देने की बात कहीं। लेकिन समाजजन संतुष्ट नहीं थे। दोपहर में तय हुआ कि 30-30 लाख सहायता दी जायेगी। उसके बाद परिजन शवों को अंतिम संस्कार के लिये ले गये। इधर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भी शासन स्तर पर 4-4 लाख दिये जाने की घोषण की।
राज्यसभा सदस्य पहुंचे पोस्टमार्टम कक्ष
परिजनों और वाल्मिकी समाज के लोगों द्वारा की जा रही मुआवजे की मांग को देखते हुये राज्य सभा सदस्य एवं वाल्मिकी समाज के धर्मगुरू उमेशनाथ महाराज पोस्टमार्टम कक्ष पहुंचे। घटना पर अपनी संवेदना व्यक्त की और मुख्यमंत्री से उनकी मांगों के संबंध में चर्चा का आश्वासन दिया। महापौर मुकेश टटवाल भी आ गये थे। उन्होने मदद का आश्वासन दिया और मृतक कमलेश के साथ नितिन के नगर निगम कर्मी होने पर शहर की सभी होटल में वेस्ट चैंबरों की जांच कराने की बात कहीं।
प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे थे होटल
शनिवार रात घटनाक्रम सामने आने के बाद एसपी प्रदीप शर्मा सबसे पहले होटल श्री गंगा पहुंचे थे। उसके बाद कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एसडीएम एल. एन. गर्ग, नगर निगम प्रभारी आयुक्त भी होटल पहुंच गये थे। सभी ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कहीं। होटल संचालक भी घटनास्थल पर आ गये थे।
इनका कहना
मामले की जांच की जा रही है। लापरवाही सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जायेगी।
प्रदीप शर्मा, एसपी
चार युवकों की मौत होने पर मर्ग कायम किया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
गजेन्द्र पचौरिया, टीआई माधवनगर
होटल श्री गंगा हादसे में मृतकों की मौत की वजह गैस से दम घुटने पर होना प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम के बाद विसरा रिजर्व किया गया है। जांच के लिये भेजा जायेगा।
विक्रम रघुवंशी, सीएमएचओ
मामला होटल श्री गंगा के फूड वेस्ट चैंबर में चार की मौत का मुआवजे की मांग पर अड़े समाजजन सड़क पर बैठे