मेयर इन काउंसिल की मुहर:आवासीय परियोजना, मुआवजा और अवैध मांस दुकानों पर सख्ती कवेलू कारखाना भूमि पर 814 आवासीय इकाइयों को मंजूरी, मार्ग चौड़ीकरण से प्रभावितों को 2.24 करोड़ से अधिक मुआवजा स्वीकृत

उज्जैन। नगर निगम की मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक बुधवार को महापौर मुकेश टटवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में शहर विकास, आवास, मार्ग चौड़ीकरण और जनसुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा सहित एमआईसी सदस्य एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत 16 मई 2026 को आयोजित एमआईसी बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि से हुई। इसके बाद विभिन्न विकास कार्यों एवं परियोजनाओं पर बिंदुवार चर्चा की गई। परिषद ने उज्जैन में सीवरेज और एसटीपी कार्यों की दर स्वीकृति, अटल बिहारी वाजपेयी मल्टीलेवल वाहन पार्किंग के ठेके, सीबीजी प्लांट स्थापना के लिए पूर्व स्वीकृत परियोजना निरस्त कर नई खुली निविदा आमंत्रित करने सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी दी।
मार्ग चौड़ीकरण प्रभावितों को मिलेगा मुआवजा
बैठक में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए शहर के विभिन्न मार्गों के चौड़ीकरण कार्यों से प्रभावित भवन स्वामियों को मुआवजा प्रदान करने के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। इनमें गैल इंडिया चौराहे से नीलगंगा, शांति नगर से मंछामन चौराहा, सांवेर रोड से इंदौर रोड तथा हामूखेड़ी-बिजासन माता मंदिर से देवास रोड तक के मार्ग शामिल हैं।
महापौर मुकेश टटवाल ने बताया कि मार्ग चौड़ीकरण से प्रभावित भवन स्वामियों के लिए कुल 2 करोड़ 24 लाख रुपये से अधिक के मुआवजा प्रकरणों को स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि जिन प्रभावितों को ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट (टीडीआर) दिया गया है और उसका उपयोग नहीं किया जा रहा है, उन्हें उसके मूल्य के बराबर राशि देने पर भी विचार किया जाएगा।
कवेलू कारखाना भूमि पर आवासीय सह व्यावसायिक परियोजना को भी मंजूरी
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के एएचपी घटक अंतर्गत कवेलू कारखाना भूमि पर आवासीय सह व्यावसायिक परियोजना को भी मंजूरी दी गई। लगभग 7.19 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाली इस परियोजना में कुल 814 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। इनमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 206 आवास, ढाई बीएचके के 304 तथा तीन बीएचके के 304 आवास शामिल हैं।
महापौर ने कहा कि उज्जैन एक पवित्र धार्मिक नगरी है, इसलिए शहर में अवैध रूप से संचालित मांस और मटन की दुकानों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में गांधी बालोद्यान, क्षीरसागर के बाहर स्थित यूरिनल को हटाने सहित अन्य प्रस्तावों को भी सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में अपर आयुक्त पवन कुमार सिंह, संदीप शिवा, पुनीत शुक्ला, उपायुक्त योगेंद्र सिंह पटेल, मनोज मौर्य, संजेश गुप्ता, अधीक्षण यंत्री संतोष गुप्ता, कार्यपालन यंत्री हिमांशु तिवारी, जगदीश मालवीय, साहिल मैदावाला एवं पलाश शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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