ब्रजराजखेड़ी में लगाया अफ्रीकी बोमा: पहली बार होगा बगैर हेलीकाप्टर नीलगायों का रेस्क्यू

उज्जैन।फसलों को नुकसान पहुंचाने वाली नीलगायों को पकड़ने आज से जिले में अफ्रीकी पद्धति का विशेष रेस्क्यू होगा। देश में पहला मौका होगा जब बगैर हेलीकाप्टर के बोमा पद्धति से नीलगायों का रेस्क्यू कर सुरक्षित छोड़ेंगे।ग्रामीणों की मदद से जंगली जानवरों को हांकने का प्लान बनाया है। बोमा पद्धति में हेलीकाप्टर की मदद से ही जंगली जानवरों को हांकते हुए बोमा में लाते है, लेकिन उज्जैन में पहली बार बगैर हेलीकाप्टर के ग्रामीणों की मदद से नील गायों को हांकते हुए बोमा में लगाने का प्रयोग किया जा रहा है।प्रयोग सफल हुआ तो वन विभाग कम बजट में ही जंगली जानवरों को रेस्क्यू कर लेगा। कल्याणपुरा के किसान दिलीप सिंह सिसौदिया ने बताया कि उज्जैन जिले में नीलगाय व जंगली सुअरों फसलों को बर्बाद कर रहे है। यह जानवर अचानक दौड़ते हुए सड़क पार करते है। इसने टकराने से 3-4 लोगों की मैत भी हो चुकी है।10-12 लोग घायल होकर अपाहिज हो गए। डीएफओ अनुराग तिवारी ने बताया बृजराज खेडी में बोमा लगा दिया है। टाइगर रिजर्व की टीम दो कंटेनर वाहनों के साथ यहां पहुंचेगी। पड़ोसी जिलों से भी विभाग की टीम रेस्क्यू के लिए आएगी।
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