उज्जैन / नलखेडा। नलखेडा में मां बगलामुखी के दर्शन से लौटने के दौरान 8 श्रद्धालु की कार बरसाती नाले में बह गई थी। दुसरे दिन नाले में कार देखे जाने के बाद शव निकाले जा सके थे। इस मामले में नलखेडा के नागरिकों को उद्ववेलित कर दिया । बुधवार से नागरिकों ने यहां मंदिर एवं उससे जुडी समस्याओं के साथ घटना के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई को लेकर अनिश्चितकालीन धरने की शुरूआत कर दी है।मां बगलामुखी मंदिर से जुडी समस्याओं को भक्त मंडल ने उठाते हुए इसे प्रशासनिक नजरअंदाजी भी करार दिया है। धरने पर बैठे व्यवसायी कैलाश राठौड के अनुसार मंडल ने पहले दिन पूर्वान्ह 11 से 4 धरना दिया है। इसके लिए अनुमति ली गई और थाना पर सूचना भी दी गई थी। धरना घटना स्थल एवं अंबेडकर प्रतिमा से बीच में दिया जा रहा है। उनके अनुसार पूर्व में भी ऐसी घटना हो चुकी है और उसके बाद भी नागरिकों ने पुलिया की उंचाई के लिए मांग की लेकिन मात्र आश्वासन ही मिल सका है। मंदिर समिति की यात्री निवास बनी हुई है लेकिन उसे चालू नहीं किया जा रहा है। धरने पर बैठे दिेनेश व्यास ने कहा कि मंदिर समिति के पास मात्र 50 हजार खर्च का अधिकार है जबकि करोडों रूपए समिति के पास हैं। पार्किंग में किचड के हाल हैं। लडूडू विक्रय से ही समिति को 50 लाख पिछले समय में कमाई में मिले हैं। हाल यह हैं कि शौचालय के लिए श्रद्धालुओं को रूपए 10 भूगतान करना पड रहा है। यहां तक की बिजली जाने पर मंदिर समिति के पास जनरेटर भी नहीं है जिसकी खरीदी के लिए सालों से आश्वासन दिया जा रहा है। समिति श्रद्धालुओं से मात्र आय कर रही है समस्या निदान एवं सुविधा के नाम पर नजरअंदाजी की जा रही है।
समस्याओं की फेहरिस्त रखी भक्तों ने-अनिश्चितकालीन धरने में भक्त मंडल ने हाल ही में हुई दुर्घटना की जवाबदेही तय कर सम्बंधित अधिकारी कर्मचारी को निलंबित कर के उनके विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज किए जाने के साथ ही मंदिर मार्ग पर बनी हुई पुलिया की चौडाई एवं उंचाई तत्काल जाने एवं नाले को श्मशान तरफ परिवर्तित कर समस्या का स्थाई निराकरण करने की मांग की जा रही है। मंदिर परिसर में तत्काल पुलिस चौकी स्थापित की जावे,पेयजल शुद्ध एवं शीतल जल की व्यवस्था ,समिती में अशासकीय सदस्यो को भी शामिल करने, पार्किंग को व्यवस्थीत कर सीसीटीवी केमरा एवं प्रकाश व्यवस्था में करने ,मंदिर प्रांगण में जनरेटर एवं पर्याप्त मात्रा मे लाईटिंग की व्यवस्था ,यात्रियों को बैठने हेतु पर्याप्त मात्रा मे शेड एवं कुर्सीयों की व्यवस्था को सुधारने, यज्ञशाला की अव्यवस्थाओं का निराकरण करने, निःशुल्क सुलभ काम्प्लेक्स संचालन करने,विश्राम ग्रह को दर्शनार्थियो के लिए तुरंत संचालित करने जैसी मांगों को लेकर यह धरना शुरू किया गया है।