अनदेखी: शासन की योजनाएं किसानों तक पहुंचाने के लिए कृषि विभाग के पास अमला नहीं

 सारंगपुर।कृषि भारत देश की रीढ़ मानी जाती है और सरकारें समय-समय पर किसानों की आय बढाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अनेक योजनाएं चलाती हैं। सारंगपुर क्षेत्र में भी करीब 80 फीसदी आय का साधन कृषि ही है, लेकिन विकासखंड सारंगपुर में जमीनी हकीकत यह है कि कृषि विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने के लिए सबसे जरूरी तंत्र यानी कृषि विभाग का अमला (स्टाफ) ही पर्याप्त नहीं है। जिसकी वजह से क्षेत्र के किसानों तक शासन की योजनाओं की जानकारी नहीं पहुंच पा रही हैं। गौरतलब है कि विकासखंड की 98 ग्राम पंचायतों में 200 गांव आते हैं। लेकिन विभाग के पास पर्याप्त अमला नहीं होने की वजह से कृषि विभाग में सरकार की मुख्य योजनाओं का प्रचार प्रसार लक्ष्यों की पूर्ति बीज खाद दवा का वितरण डिमास्ट्रेशन व मिनी किट गोबर गैस बायोगैस सोलर ऊर्जा के फॉर्म भरवाना कृषि यंत्र डिस्प, स्प्रिंकलर पाइप सेट पाइपलाइन के वितरण के अतिरिक्त  मिट्टी परीक्षण के नमूने लेने जैसे कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों को जानकारी भी सही समय पर नहीं मिल पा रही है, साथ ही प्रतिवर्ष जिला मुख्यालय से किसानों के लिए आने वाली आदान सामग्री का विवरण भी समय पर नहीं होता है। जिसकी वजह से किसानों को विभाग के चक्कर काटने पडते हैं।
कृषि विस्तार अधिकारी, एसएडीओ, एडीओ के साथ एईओ के खाली पडे-किसानों का कहना है कि सरकार को कृषि विभाग में खाली पदों पर तत्काल नियुक्तियां करनी चाहिए। आधुनिक तकनीक जैसे मोबाइल एप और कॉल सेंटर का इस्तेमाल जरूर किया जा सकता है, लेकिन वह फील्ड स्तर के कर्मचारी की भूमिका को पूरी तरह नहीं निभा सकते। गांव-गांव में कृषि मित्र या स्थानीय युवा किसानों को प्रशिक्षित कर विभाग से जोडा जा सकता है। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि किसानों तक योजनाओं की जानकारी भी सीधे पहुंचेगी। यदि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाए तो योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों को मिल सकेगा और खेती का चेहरा बदल जाएगा। अन्यथा, योजनाएं सिर्फ कागजों में ही दम तोडती रहेंगी।

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