सारंगपुर।सनातन धर्म में हमेशा यह कहा गया है कि ‘वसुधैव कुटुंबकम मतलब पूरा जहान हमारा कुटुंब है। इसी भावना के साथ दिग्विजय सिंहजी इस यात्रा को कर रहे हैं। इसका स्पष्ट एक उद्देश्य है कि धार्मिक धर्म के नाम पर जो चंदा वसूला गया है, उसका हिसाब किताब आरएसएस और उनके संगठनों को देश को देना चाहिए। जिस प्रकार से सनातन धर्म का उपयोग भारतीय जनता पार्टी, आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और उनके जितने भी आनुषंगिक संगठन हैं, उन्होंने किया है और उसको अपने राजनीतिक लाभ से उसको जोडा है…सनातन धर्म यह बताता है कि सनातन सबका है। यह उद्गार गुरूवार देर शाम कांग्रेस कार्यालय सारंगपुर में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व ऊर्जा मंत्री एवं जिलाध्यक्ष प्रियव्रत सिंह ने व्यक्त किए। दरअसल 20 अक्टूबर (विजयादशमी) से उज्जैन से यह यात्रा रवाना होगी और सारंगपुर में 26 अक्टूबर को प्रवेश करेंगी। बैठक इसमें कई नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने अयोध्या श्रीराम मंदिर में हुए चंदा चोरी मामला उजागर होने के बाद उज्जैन से अयोध्या तक पैदल यात्रा निकालने का ऐलान किया है।
राम मंदिर निर्माण में कितना खर्चा आया उसका आज तक नहीं है कोई हिसाब-किताब-बैठक के दौरान जिलाध्यक्ष सिंह ने कहा कि अभी राम मंदिर निर्माण में कितना खर्चा आया उसका आज तक कोई हिसाब-किताब नहीं है। 1990 में जो पहली बार राम शिला इकट्ठी की गई थी पूरे इलाके से, उसका कोई हिसाब-किताब नहीं है। चंदा चोरी एक बडा प्रश्न चिन्ह है। और इन सब चीजों को हाईलाइट करके और खासकर यह बताने के लिए कि सनातन धर्म का राजनीति के लिए उपयोग नहीं हो सकता। यह कोई राजनीतिक यात्रा नहीं है और इसमें किसी भी पार्टी के झंडे या सिंबल का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। श्रीसिंह ने कहा कि धर्म आस्था का विषय है और राजनीति अपने कर्म का विषय है। भारतीय जनता पार्टी इसके ठीक विपरीत है वह यह कहती है कि आरएसएस जिस तरीके से कहे, वैसे चलो। धर्म की परिभाषा हमारे उपनिषद तय नहीं करेंगे, वेद तय नहीं करेंगे, हमारे धार्मिक ग्रंथ तय नहीं करेंगे, धर्म की परिभाषा आरएसएस तय करेगी, तो उसके साथ हम नहीं हैं। श्रीसिंह ने कहा कि हम जो भगवान भोलेनाथ, भगवान महाकाल, हमारे इष्ट भगवान राघवेंद्र जी महाराज यानी कि भगवान श्री राम, और जो सनातन, वेद, पुराण और उपनिषदों की जो वाणी है, उसमें मानते हैं, उसको सम्मान देते हैं। और उसमें एक ही बात लिखी है धर्म आस्था की बात है, और राजनीतिक क्षेत्र और जीवन-कर्म को प्रधानता दी गई है। कर्म अच्छा करिए, सबको मानव-मात्र को साथ लेकर चलिए, किसी में भेदभाव मत करिए, कोई ऊंच-नीच की भावना मत रखिए, सबको एक साथ लेकर एक परिवार समझकर चलिए। यही भावना दिग्विजय सिंह जी की और इस यात्रा की है। यह यात्रा सत्य, स्वाभिमान और सनातन की यात्रा है, जिसमें सभी धर्मों के नागरिकों और राजगढ जिले के लोगों को शामिल होने का आमंत्रण दिया गया है।
‘वसुधैव कुटुंबकम, और सनातन धर्म एक-दूसरे के पर्याय-
श्रीसिंह ने कहा कि भोले की बारात, वसुधैव कुटुंबकम, और सनातन धर्म ये सब एक-दूसरे के पर्याय हैं। सभी चीजें जुडी हुई हैं। भगवान शिव की बारात में सब प्रकार के मानव थे। वसुधैव कुटुंबकम यह कहता है कि बिना किसी भेदभाव के सारा मानव-मात्र हमारा परिवार है। और सनातन, यानी कि सबका। तो ये तीनों चीजें जुडी हुई हैं और तीनों चीजों को हम मानते हैं। साथ लेकर चलने का काम कांग्रेस पार्टी ने हमेशा किया है। कांग्रेस पार्टी ने कभी भी भारत की संस्कृति को चुनौती नहीं दी। सांस्कृतिक मान्यताएं चाहे हिंदू धर्म की हों, सनातन धर्म की हों, चाहे मुसलमान की हों, चाहे सिख की हों, चाहे ईसाई की हों, चाहे जो भी जितने भी धर्म बौद्ध की हों। जितने भी धर्म हमारे देश में निवास करते हैं, उनकी धार्मिक परंपराओं को, उनकी सांस्कृतिक परंपराओं को हमारे देश ने सम्मान दिया है, कांग्रेस पार्टी ने सम्मान दिया है। बैठक में इस मौके पर संगठन महामंत्री राधेश्याम सोमतिया, विस प्रभारी लोकेंद्र आलोरिया, पूर्व विधायक कृष्णमोहन मालवीय, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष दुर्गेश सोमानी, पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद अली, शहर कांग्रेस अध्यक्ष आबिद लोदी, पूर्व अध्यक्ष समीर मेव, वरिष्ठ कांग्रेस नेता नंदलाल नागर एवं प्रदीप सादानी, ब्लाक अध्यक्ष बनवारी मालवीय, रामचंद्र नागर, रीतेश पाटीदार, जनपद सदस्य घनश्याम मालवीय एवं शांतिलाल नागर, पूर्व सदस्य रोशन खत्री, सरपंच छगनलाल धोलपुरिया, पूर्व ब्लाक अध्यक्ष मोहन पाल एवं जसवंत राजपूत, हरिसिंह पट्टी, प्रवक्ता लखन धनगर, कमल सिंह राणा, कन्हैयालाल अहिरवार, महेश खाती, भगवान सिंह राजपूत, रमेशचंद्र कलमोदिया आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम संचालन शहर अध्यक्ष लोदी ने किया तथा आभार ब्लाक अध्यक्ष सोमानी ने माना।
राम मंदिर निर्माण में कितना खर्चा आया उसका आज तक नहीं है कोई हिसाब-किताब-बैठक के दौरान जिलाध्यक्ष सिंह ने कहा कि अभी राम मंदिर निर्माण में कितना खर्चा आया उसका आज तक कोई हिसाब-किताब नहीं है। 1990 में जो पहली बार राम शिला इकट्ठी की गई थी पूरे इलाके से, उसका कोई हिसाब-किताब नहीं है। चंदा चोरी एक बडा प्रश्न चिन्ह है। और इन सब चीजों को हाईलाइट करके और खासकर यह बताने के लिए कि सनातन धर्म का राजनीति के लिए उपयोग नहीं हो सकता। यह कोई राजनीतिक यात्रा नहीं है और इसमें किसी भी पार्टी के झंडे या सिंबल का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। श्रीसिंह ने कहा कि धर्म आस्था का विषय है और राजनीति अपने कर्म का विषय है। भारतीय जनता पार्टी इसके ठीक विपरीत है वह यह कहती है कि आरएसएस जिस तरीके से कहे, वैसे चलो। धर्म की परिभाषा हमारे उपनिषद तय नहीं करेंगे, वेद तय नहीं करेंगे, हमारे धार्मिक ग्रंथ तय नहीं करेंगे, धर्म की परिभाषा आरएसएस तय करेगी, तो उसके साथ हम नहीं हैं। श्रीसिंह ने कहा कि हम जो भगवान भोलेनाथ, भगवान महाकाल, हमारे इष्ट भगवान राघवेंद्र जी महाराज यानी कि भगवान श्री राम, और जो सनातन, वेद, पुराण और उपनिषदों की जो वाणी है, उसमें मानते हैं, उसको सम्मान देते हैं। और उसमें एक ही बात लिखी है धर्म आस्था की बात है, और राजनीतिक क्षेत्र और जीवन-कर्म को प्रधानता दी गई है। कर्म अच्छा करिए, सबको मानव-मात्र को साथ लेकर चलिए, किसी में भेदभाव मत करिए, कोई ऊंच-नीच की भावना मत रखिए, सबको एक साथ लेकर एक परिवार समझकर चलिए। यही भावना दिग्विजय सिंह जी की और इस यात्रा की है। यह यात्रा सत्य, स्वाभिमान और सनातन की यात्रा है, जिसमें सभी धर्मों के नागरिकों और राजगढ जिले के लोगों को शामिल होने का आमंत्रण दिया गया है।
‘वसुधैव कुटुंबकम, और सनातन धर्म एक-दूसरे के पर्याय-
श्रीसिंह ने कहा कि भोले की बारात, वसुधैव कुटुंबकम, और सनातन धर्म ये सब एक-दूसरे के पर्याय हैं। सभी चीजें जुडी हुई हैं। भगवान शिव की बारात में सब प्रकार के मानव थे। वसुधैव कुटुंबकम यह कहता है कि बिना किसी भेदभाव के सारा मानव-मात्र हमारा परिवार है। और सनातन, यानी कि सबका। तो ये तीनों चीजें जुडी हुई हैं और तीनों चीजों को हम मानते हैं। साथ लेकर चलने का काम कांग्रेस पार्टी ने हमेशा किया है। कांग्रेस पार्टी ने कभी भी भारत की संस्कृति को चुनौती नहीं दी। सांस्कृतिक मान्यताएं चाहे हिंदू धर्म की हों, सनातन धर्म की हों, चाहे मुसलमान की हों, चाहे सिख की हों, चाहे ईसाई की हों, चाहे जो भी जितने भी धर्म बौद्ध की हों। जितने भी धर्म हमारे देश में निवास करते हैं, उनकी धार्मिक परंपराओं को, उनकी सांस्कृतिक परंपराओं को हमारे देश ने सम्मान दिया है, कांग्रेस पार्टी ने सम्मान दिया है। बैठक में इस मौके पर संगठन महामंत्री राधेश्याम सोमतिया, विस प्रभारी लोकेंद्र आलोरिया, पूर्व विधायक कृष्णमोहन मालवीय, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष दुर्गेश सोमानी, पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद अली, शहर कांग्रेस अध्यक्ष आबिद लोदी, पूर्व अध्यक्ष समीर मेव, वरिष्ठ कांग्रेस नेता नंदलाल नागर एवं प्रदीप सादानी, ब्लाक अध्यक्ष बनवारी मालवीय, रामचंद्र नागर, रीतेश पाटीदार, जनपद सदस्य घनश्याम मालवीय एवं शांतिलाल नागर, पूर्व सदस्य रोशन खत्री, सरपंच छगनलाल धोलपुरिया, पूर्व ब्लाक अध्यक्ष मोहन पाल एवं जसवंत राजपूत, हरिसिंह पट्टी, प्रवक्ता लखन धनगर, कमल सिंह राणा, कन्हैयालाल अहिरवार, महेश खाती, भगवान सिंह राजपूत, रमेशचंद्र कलमोदिया आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम संचालन शहर अध्यक्ष लोदी ने किया तथा आभार ब्लाक अध्यक्ष सोमानी ने माना।