इंदौर। राजनीति केवल पद और प्रतिष्ठा का नाम नहीं, बल्कि विश्वास, समर्पण और संगठन के प्रति निष्ठा की वह लंबी यात्रा है, जिसमें व्यक्ति अपने कर्मों से अपनी पहचान गढ़ता है। देपालपुर विधानसभा की राजनीतिक परिपाटी में भी ऐसे कई उदाहरण देखने को मिलते हैं, जहां नेतृत्व ने केवल राजनीतिक समीकरणों को नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की क्षमता, समर्पण और जमीनी सक्रियता को महत्व देते हुए उन्हें आगे बढ़ने के अवसर दिए। इसी क्रम में देपालपुर विधानसभा क्षेत्र के युवा भाजपा नेता प्रणव जायसवाल का नाम संगठनात्मक सक्रियता और लगातार बढ़ती जिम्मेदारियों के संदर्भ में सामने आता है।
विधायक मनोज पटेल के करीबी कार्यकर्ताओं में शामिल प्रणव जायसवाल ने संगठन में अपनी यात्रा एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में शुरू की और समय के साथ अलग-अलग दायित्वों का निर्वहन करते हुए अपनी सक्रिय पहचान बनाई। प्रणव जायसवाल को सबसे पहले अटाहेड़ा बूथ अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद संगठन ने उनकी सक्रियता और कार्यक्षमता को देखते हुए उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा श्री 24 अवतार मंडल में महामंत्री का दायित्व सौंपा। संगठन के प्रति उनकी सक्रियता का सिलसिला यहीं नहीं रुका और आगे चलकर उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा श्री 24 अवतार मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी मिली। इन दायित्वों की कड़ी को केवल पदों की सूची के रूप में नहीं देखा जा सकता। भाजपा की संगठनात्मक राजनीति में बूथ स्तर से लेकर मंडल स्तर तक लगातार जिम्मेदारियां मिलना किसी भी युवा कार्यकर्ता के लिए संगठन के भीतर उसके काम और सक्रियता का महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है। प्रणव जायसवाल युवा हैं, ऊर्जा से भरपूर हैं और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रियता के साथ अपनी भूमिका निभाते रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि विधायक मनोज पटेल के प्रति उनकी निष्ठा और संगठन के प्रति समर्पण ने उन्हें देपालपुर की युवा राजनीति में अलग पहचान दी है। वहीं, मनोज पटेल के नेतृत्व में काम करते हुए उन्होंने बूथ से मंडल तक संगठनात्मक जिम्मेदारियों का अनुभव भी हासिल किया है।