उज्जैन।सिंहस्थ एवं विभागीय काम में अटका नगर निगम का अमला शहर को नजरअंदाज कर रहा है। शहर में छोटी –मोटी टूटी सडकों का ही लंबें समय से संधारण नहीं किया जा रहा है।मरम्मत के अभाव में आम रहवासी को दुर्गति की स्थिति में ही ऐसे मार्गों से गुजरना पड रहा है। इसके साथ ही सविरेज लाईन की खुदाई के बाद मरम्मत पर भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस कारण से संधारण के काम कमजोर हो रहे हैं और जमीन कई स्थानों पर धंस रही है।
शहर में एक नहीं अनेक स्थानों पर सडकों के छोटे-छोटे संधारण के कामों को क्षेत्रीय स्तर पर नजरअंदाज किया जा रहा है। इसके चलते छोटे-छोटे टूकडों में सडक पर बने गड्डे आवागमन में परेशानी दे रहे हैं। माधवनगर अस्पताल के ठीक सामने से फ्रीगंज की ओर जा रही सडक पर चौराहे से मात्र 20 मीटर के दायरे में ही गड्ढे हो रहे हैं। उबड – खाबड हो रही इस सडक पर छोटा सा मरम्मत का कार्य किए जाने से ही सडक बेहतर हो सकती है लेकिन इस और जोन कार्यालय की नजरअंदाजी है। इसी प्रकार से कंट्रोल रूम के पास में व्यस्ततम चौराहा से फ्रीगंज की और जाने वाली सडक पर भी यही हाल हैं। इसके अलावा क्षेत्र में कई स्थानों पर छोटी-छोटी मरम्मत के कारण सडकों पर आवागमन दुरूह बना हुआ है।
सिवरेज की मरम्मत कमजोर-
शहर में सिवरेज के पाईप डालने के लिए खुदाई बदस्तुर जारी है। खुदाई के उपरांत संबंधित क्षेत्रों में गड्ढों की भराई का काम तो किया जा रहा है लेकिन उसकी पूर्ण गुणवत्ता न होने के कारण बाद में जमीन धंसने की समस्या बराबर अनेकों क्षेत्रों में सामने आ रही है। प्रेमछाया मार्ग पर भी यही हाल हैं तो अन्य क्षेत्रों में भी यही देखा जा रहा है। इसके कारण से दुर्घटना की स्थिति बराबर बन रही है। संबंधित संधारण की स्थिति एवं जमीन धंसने के कारण से वहां एक कृत्रिम नाली जैसा बन रहा है।
उपयंत्रियों की नजरअंदाजी-
सिवरेज लाईन डालने के बाद संधारण के कामों की गुणवत्ता देखने के लिए पूर्व निगमायुक्त ने क्षेत्रीय स्तर पर उपयंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी दी जिसके आदेश जारी किए गए थे। उसके बाद भी संबंधित उपयंत्री इस काम को नजरअंदाज कर रहे हैं। सिवरेज लाईन डालने के काम में जिम्मेदार एजेंसी निरंतर संधारण के काम को गुणवत्तापूर्ण अंजाम देने में उदासीनता बरत रही है। ऐसे में बराबर सडकों का नुकसान नगर निगम को उठाने की स्थिति बन रही है।