उज्जैन। स्वामित्व योजना को लेकर पटवारी संघ एवं प्रदेश प्रशासन में पंगा जारी है। पटवारी संघ प्रदेश भर में 50 लाख से अधिक नि:शुल्क रजिस्ट्रीयों में विक्रेता की भूमिका निर्वहन को तैयार नहीं है। इसी दौर में उज्जैन के माकडौन तहसील में 21 प्रशिक्षु पटवारियों को शौकाज नोटिस दे दिया गया है। तहसीलदार अनिरूद्ध मिश्रा का कहना है कि स्वामित्व योजना के साथ अन्य कार्यों की समीक्षा के बाद यह शोकाज नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। जवाब के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।स्वामित्व योजना पर शासन एवं पटवारियों के बीच विवाद गहरा गया है। इस बीच प्रशिक्षु पटवारियों पर कार्रवाई का दौर भी शुरू हो गया है। पटवारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष् कैलाश सिंह राजपूत के अनुसार अभियान के इतने दिन बाद भी पटवारी रजिस्ट्री में विक्रेता बनने को तैयार नहीं है। हमारे संघ के उपेन्द्रसिंह जी एवं अश्विन सैनी से शासन पक्ष की चर्चा में सहमति नहीं बनी है। इसके चलते शासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर इसमें प्रोबेशनर पटवारियों को सीधे तौर पर निशाना साधा जा रहा है। ये पूरा मामला पंचायतों से जूडा हुआ है ऐसे में पंचायतों को भूखंडों की रजिस्ट्री के काम फिर पटवारियों को देने के पीछे का मंतव्य समझ से परे है। ये आबादी से जूडा मसला है।स्वामित्व योजना का मामला खटाई में पढने की स्थिति को लेकर जिलों में कलेक्टरों को इनकार करने वालों को बर्खास्त करने के लिए फ्री हैंड दे दिया गया है। अब पटवारी संघ ने भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि पटवारियों को बर्खास्त किया गया तो वे सामान्य कामकाज भी बंद कर देंगे। निःशुल्क रजिस्ट्री शुरू करने से पहले राजस्व विभाग ने आगर मालवा, हरवा, बड़वानी, अशोकनगर और रायसेन में पायलट प्रोजेक्ट चलाया था। इसी दौरान पटवारियों की आपत्तियां सामने आ गई थीं।स्वामित्व योजना के सभी कामों से पटवारी संघ अलग रहेगा। रजिस्ट्री ← भी नहीं करेंगे। बीते दिनों संघ की बैठक में इसका निर्णय लिया गया है। योजना से संबंधित कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कार्य आगामी निर्देश तक नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया पर भी अभियान चलाएंगे।