इंदौर। इंदौर सहकारी दुग्ध संघ की 43वीं वार्षिक साधारण सभा में बुधवार को बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक किसान पहुंचे। किसानों ने दूध के भाव में बढ़ोतरी सहित अपनी प्रमुख मांगों को लेकर सभा में जोरदार तरीके से आवाज उठाई। इस दौरान किसानों ने ? 12 प्रति फैट दूध का भाव तत्काल लागू करने की मांग की और अपनी मांगों को लेकर काफी देर तक विरोध जताया। सभा के दौरान किसानों ने सांची दूध संघ की मनमानी नहीं चलेगी और विकास मिश्रा की दादागिरी नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए। किसानों का कहना था कि लगातार बढ़ती पशु आहार, खली, भूसा, हरा चारा, पशु चिकित्सा, बिजली और मजदूरी की लागत के बावजूद उन्हें दूध का उचित एवं लागत आधारित मूल्य नहीं दिया जा रहा है। भारतीय किसान एवं मजदूर सेना के अध्यक्ष बबलू जाधव ने कहा कि किसान लंबे समय से ? 12 प्रति फैट दूध का भाव देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांग पर अब तक गंभीर निर्णय नहीं लिया गया। वहीं दूसरी ओर आज निजी दूध कंपनियों/डेयरियों द्वारा दूध के खरीदी भाव में 23 प्रति लीटर की बढ़ोतरी किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में किसानों का सवाल है कि जब निजी क्षेत्र दूध के भाव बढ़ा सकता है तो सांची दूध संघ किसानों को उनकी लागत के अनुरूप उचित भाव क्यों नहीं दे रहा है? किसानों ने सांची दूध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विशाल कुमार मिश्रा की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों के साथ कथित तौर पर दोहरी नीति अपनाई जा रही है। किसानों का आरोप है कि एक ओर दूध की लागत लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों की मांगों पर निर्णय लेने में देरी की जा रही है। यदि किसानों की मांगों को नजरअंदाज किया गया तो किसान आगे आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं और ?12 प्रति फैट, लंबित बोनस तथा किसानों के लिए घोषित 25 प्रति लीटर सहायता/बोनस राशि सहित सभी लंबित मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे।
सांची की साधारण सभा में किसानों का हंगामा, 12 प्रति फैट की मांग पर अड़े किसान