शनिवार को भी वर्तमान स्थल पर ही हुआ पूजन,श्रद्धालुओं ने किए दर्शन खडे हनुमान की 8 फीट प्रतिमा विस्थापन में पेंच फंसा,भू- स्केनिंग होगी – पुरातत्व से आए अधिकारी ने प्रतिमा के जमीन के अंदर पत्थरों में लाक होने का कहा

उज्जैन। कंठाल से गोपाल मंदिर तक सडक 24 मीटर चौडीकरण किया जा रहा है। इसके मध्य आ रहे 7 धर्म स्थलों में से खडे हनुमान की 8 फीट की प्रतिमा पुरानी पानी की टंकी के पास स्थापित की जाना है। इस प्रतिमा के विस्थापन में पेंच फंस गया है। मंदिर तोडने के बाद प्रतिमा को हटाने के स्थानीय प्रयास सार्थक नहीं होने की स्थिति में अब प्रतिमा स्थल की लैंड स्कैनिंग करवाई की तैयारी हो रही है। प्रतिमा के जमीन के भीतर पत्थरों से पुरातन लाक पद्धति से स्थापित होने की स्थिति भी बताई जा रही है। ऐसे में खंडित मंदिर में ही पूजा का क्रम जारी है।खडे हनुमान प्रतिमा को शुक्रवार को  वर्तमान स्थल से हटाने की तैयारी की गई थी । इसको देखते हुए मंदिर के पुजारी एवं हिन्दु संगठनों ने यहां अंतिम आरती की थी। इसके बाद मंदिर की चार दिवारी एवं शिखर को तकनीकी रूप से बडे ही तरीके से नगर निगम ने हटा दिया था। प्रतिमा को विस्थापन के लिए जब प्रयास शुरू हुए तो स्थानीय स्तर पर विफलता ही हाथ लगी। ऐसे में इंदौर के तकनीकी महाविद्यालय एसजीएसआईटीएस के विशेषज्ञ से संपर्क साधा गया और उसके बाद प्रदेश स्तर के पुरातत्व विभाग से संपर्क साधा गया था।अब जाकर तकनीकी विशेषज्ञों की राय-मंदिर के पुजारी महेश बैरागी बताते हैं कि सामने आए हालातों से स्पष्ट है कि मंदिर के विस्थापन को लेकर पूर्व से कोई तैयारी नहीं की गई थी।हमारे कहने पर एसजीएसआईटीएस के विशेषज्ञ से संपर्क किया गया। उनके परामर्श पर पुरातत्व विभाग से संपर्क किया गया। वहां से आए विशेषज्ञ ने प्रतिमा की गहराई की स्थिति का बारिकी से अध्ययन करने के बाद बताया है कि यहां भू स्कैनिंग कर देखा जाएगा की प्रतिमा की गहराई की स्थिति क्या है। मंदिर पहुंचे विशेषज्ञ ने उन्हें यह भी बताया कि यह प्रतिमा लाक पद्धति पर स्थापित है। जिसमें एक से दुसरे पत्थर को लाक किया जाता है। प्रतिमा के नीचे के पत्थरों में लाक की स्थिति होने पर विस्थापन में समय लग सकता है।स्थल पर चौकसी- स्थल पर मौजूद नगर निगम अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने बताया कि तकनीकी शाखा अभी प्रतिमा विस्थापन को लेकर विशेषज्ञों के संपर्क में परामर्श कर रहा है। सभी स्थितियों को साफ करने के बाद ही विस्थापन का कार्य अंजाम दिया जाएगा। उनके साथ एसडीएम एल एन गर्ग भी मौजूद थे। स्थल पर हिन्दु वादी संगठन के कार्यकर्ता एवं नेताओं की उपस्थिति सतत रूप से बनी हुई है। इसके साथ ही पुलिस फोर्स तैनात किया गया है।श्रद्धालुओं का क्रम निरंतर-शनिवार को भी बडी संख्या में यहां श्रद्धालु आते रहे और भगवान को पूर्ववत नमन करते रहे। टूटे मंदिर में ही पुजारी ने सुबह की पूजा को अंजाम दिया और  दिन भर आने वाले श्रद्धालुओं को झाडनी लगाते रहे। मंदिर के टूटे होने की स्थिति में प्रतिमा को शुक्रवार से ही वाटर प्रुफ टेंट में कर दिया गया था।

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