देपालपुर। रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर जहां इंदौर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मिठाई, दूध एवं दुग्ध उत्पादों सहित खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए लगातार छापामार कार्रवाई की जा रही है, वहीं देपालपुर अनुभाग के देपालपुर, गौतमपुरा, बेटमा और हातोद क्षेत्र इस अभियान से लगभग अछूते नजर आ रहे हैं। त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे समय में मिलावटी मावा, मिठाई, घी, दूध एवं अन्य खाद्य सामग्री के कारोबार पर प्रभावी निगरानी बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा खाद्य सुरक्षा विभाग को मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बावजूद देपालपुर अनुभाग में कार्रवाई का अभाव अब चर्चा का विषय बनता जा रहा है।
आखिर देपालपुर में अभियान की रफ्तार इतनी धीमी क्यों?-सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिले के अन्य क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच और सैंपलिंग की जा रही है, तो देपालपुर, गौतमपुरा, बेटमा और हातोद के मिठाई एवं खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कब और किस स्तर पर की जा रही है? क्या इन क्षेत्रों के खाद्य प्रतिष्ठानों में मिलावट की आशंका नहीं है? या फिर विभागीय निगरानी का दायरा यहां अपेक्षाकृत सीमित है? त्योहारी बाजार में बड़ी मात्रा में मिठाई और दुग्ध उत्पादों की बिक्री होती है। ऐसे में विभाग की जिम्मेदारी केवल कार्रवाई करने तक सीमित नहीं, बल्कि प्रिवेंटिव फूड सेफ्टी, सैंपलिंग, निरीक्षण और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
कार्रवाई नहीं हुई तो जवाबदेही किसकी-खाद्य सुरक्षा से जुड़ा विषय सीधे आम उपभोक्ता के स्वास्थ्य और अधिकारों से जुड़ा है। इसलिए त्योहारी सीजन में विभाग की निष्क्रियता अथवा सीमित कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देना आवश्यक है। देपालपुर क्षेत्र में भी मिठाई दुकानों, डेयरी, मावा विक्रेताओं, घी एवं दुग्ध उत्पाद विक्रेताओं तथा अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की व्यापक एवं पारदर्शी जांच की आवश्यकता है, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके। अब देखने वाली बात यह होगी कि खाद्य सुरक्षा विभाग देपालपुर अनुभाग में कब व्यापक अभियान शुरू करता है और मिलावट के खिलाफ कार्रवाई केवल कागजों पर होती है या धरातल पर भी उसका असर दिखाई देता है। जनहित में सवाल यही है—जब पूरे इंदौर जिले में मिलावट के खिलाफ अभियान चल रहा है, तो देपालपुर अनुभाग कब जागेगा?