माध्यमिक शिक्षा मंडल के निर्णय से जिले के कई बच्चे होंगे लाभांवित माता-पिता नहीं हैं तो बोर्ड की नामांकन-परीक्षा फीस माफ -निर्णय से ऐसे विद्यार्थी न तो परीक्षा देने से वंचित रहेंगे न शिक्षा से

उज्जैन। माध्यमिक शिक्षा मंडल इस वर्ष की कक्षा 10वीं,12 वीं, द्वितीय बोर्ड परीक्षा, डीएलएड परीक्षा में माता-पिता को खो चूके विद्यार्थियों से न तो नामांकन की फीस लेगा और न ही परीक्षा का शुल्क ही लेगा। इसे लेकर बोर्ड ने आदेश जारी कर दिए हैं जो जिला शिक्षा अधिकारी के पास पहुंच चुके हैं। जिले में ऐसे कई बच्चे इस निर्णय से लाभांवित होंगे। जिला शिक्षा अधिकारी महेंन्द्र खत्री के अनुसार ऐसे विद्यार्थियों की जानकारी निकलवाई जा रही है। मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी एस के रेनीवाल के अनुसार आदेश के अनुसार ऐसे विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग के माध्यम से राहत मिलेगी।

जिन विद्यार्थियों के माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है उनसे माध्यमिक शिक्षा मंडल कोई शुल्क नहीं लेगा। माशिमं ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया कि कई बार देखा गया है कि शुल्क के अभाव में ऐसे कई बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते। इसलिए बोर्ड ने तय किया है कि ऐसे बच्चों से नामांकन और परीक्षा दोनों तरह के शुल्क नहीं लिए जाएंगे। नए आदेश के मुताबिक जिन बच्चों के माता-पिता दोनों का निधन हो गया है उन्हें सत्र 2026-27 से मंडल की परीक्षाओं और नामांकन के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं देना होगा। इसमें ऐसे विद्यार्थी भी शामिल किए गए हैं जो माता-पिता की मृत्यु के बाद किसी रिश्तेदार के आश्रय में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं अथवा शासन द्वारा संचालित या मान्यता प्राप्त अनाथालय में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें शुल्क में पूरी छूट दी जाएगी। यह सुविधा माशिमं की ओर से आयोजित 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षा, द्वितीय बोर्ड परीक्षा, डीएलएड जैसी परीक्षाओं और नामांकन पर लागू होगी।

दस्तावेज के आधार पर पात्रता-
शुल्क माफी का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों को बोर्ड का नामांकन अथवा परीक्षा फॉर्म भरते समय माता और पिता दोनों के मृत्यु प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने होंगे। इसके साथ ही जिस रिश्तेदार सरकारी अनाथालय या मान्यता प्राप्त संस्था में विद्यार्थी रहकर पढ़ाई कर रहा है, वहां से संबंधित प्रमाण-पत्र भी देना अनिवार्य होगा। तय दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर विद्यार्थी शुल्क छूट का पात्र नहीं माना जाएगा।
नामांकन एवं फीस में शुल्क वृद्धि-
माशिमं ने इस बार 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षा का शुल्क 1200 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए किया है। वहीं नामांकन शुल्क भी 300 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए किया गया है। वहीं डीएलएड परीक्षा शुल्क 7000, डीएलएड परीक्षा द्वितीय अवसर के दो विषय के लिए 3000 रुपए, चार विषय के लिए 5000 रुपए और चार से अधिक विषय के लिए 7000 रुपए शुल्क लगेगा। ऐसे में अनाथ विद्यार्थियों को इन शुल्कों से पूरी तरह छूट मिलने से उनके परिवार या आश्रयदाताओं पर आर्थिक बोझ कम होगा।

उद्देश्य पढाई प्रभावित न हो-

क्षेत्रीय अधिकारी श्री रेनीवाल के अनुसार माशिमं के इस फैसले का उद्देश्य माता-पिता को खो चुके विद्यार्थियों की शिक्षा को आर्थिक कारणों से प्रभावित होने से रोकना है। परीक्षा और नामांकन शुल्क माफ होने से ऐसे बच्चों पर पढाई का आर्थिक बोझ कम होगा। उन्हें पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।

 

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