गिरफ्त में ट्रेन के एसएलआर को निशाना बनाने वाली गैंग रेलकर्मी बनकर दिव्यांग कोच में होते थे दाखिल

उज्जैन। चलती ट्रेन के लालगेज डिब्बों (एसएलआर) में चोरी की वारदात करने वाली गैंग को आरपीएफ की टीम ने सूरत आरपीएफ और मुंबई मंडल के साथ मिलकर गिरफ्तार किया है। गैंग के एक सदस्य को उज्जैन लाया गया है। 2 का भुसावल कोर्ट से प्रोटेक्शन रिमांड जारी कराया गया है।
आरपीएफ निरीक्षक नरेन्द्र यादव ने बताया कि 19 सितंबर को अहमदाबाद-दरभंगा अंत्योदय एक्सप्रेस के एसएलआर को कटर से काटकर आर्टिफिशियल ज्वेलरी के पार्सल चोरी होना की शिकायत मिली थी। जांच के दौरान मुंबई मंडल की एक ट्रेन में भी जी रेडीमेड लेडीज गारमेंट्स के चोरी होने की जानकारी सामने आई। वारदात करने वालों का पता लगाने के लिये सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गये और सूरत आरपीएफ क्राइम ब्रांच के साथ मुंबई मंडल की टीम बनाई गई। जिसमें तीनों टीमों को अलग-अलग सफलता मिली। उज्जैन आरपीएफ को बिहार के मुंगेर से मोहम्मद जाहिद को गिरफ्तार किया गया। उसके 2 साथी मोहम्मद विक्की निवासी लक्की सराय और अनिल पटेल निवासी वाराणासी को भुसावल में गिरफ्तार किया गया। उज्जैन आरपीएफ की गिरफ्त में आये मोहम्मद जाहिद को रिमांड पर लिया गया है। वहीं भुसावल कोर्ट से दोनों आरोपियों का प्रोटेक्शन रिमांड जारी कराया गया है। दोनों को भी जल्द उज्जैन लाया जायेगा। आरोपी जाहिद से पूछताछ में सामने आया कि वह पांच साथियों के साथ वारदात करते थे। गैंग का सरगना अनिल पटेल है। उन्होने अहमदाबाद से भुसावल जाने वाली ट्रेन के एसएलआर में 22 सितंबर को भी चोरी की थी। आरपीएफ निरीक्षक नरेन्द्र यादव के अनुसार गैंग को गिरफ्तार करने में एसआई यशपालसिंह, एएसआई साजिद हुसैन, प्रधान आरक्षक कमलसिंह और राजाराम यादव की भूमिका रही है।
बेटरी वाले कटर से काटते से डिब्बा
एसआई यशपालसिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह रेलवे कर्मचारी बनकर ट्रेनों के दिव्यांग कोच में चढ़ते थे। उनकी ड्रेस कर्मचारियों के जैसी होती थी और फर्जी आई कार्ड भी लगे रहते थे। वह मेंटेनेंस के नाम पर काम शुरू करते थे, जिसके चलते यात्रियों को शंका नहीं होती थी। वह एसएलआर में 2 बाय 2 का बेटरी वाले कटर से सुराग बनाते थे और गैंग का एक सदस्य अंदर जाकर सामान बाहर निकालता था। उसके बाद बीच रास्ते में ट्रेन से उतर जाते थे।
गैंग में अलग-अगल सदस्य शामिल
बताया जा रहा है कि गैंग का सरगना अनिल पटेल पूरी रैकी करता था उसके बाद गैंग में अलग-अलग सदस्यों को लेकर रेलवे कर्मचारी बनकर चढ़ता था।  गैंग अंतराष्ट्रीय स्तर पर चोरी को अंजाम देती थी। सरगना की निशानदेही पर  वाराणसी के गोदाम से चोरी किए गए 5.60 लाख रुपये से अधिक के रेडीमेड लेडीज गारमेंट्स और एक अन्य चोरी मेंं करीब 1.50 लाख रुपये की आर्टिफिशियल ज्वेलरी बरामद हुई है। आरोपियों से पूछताछ में कुछ ओर चोरियों को सुराग मिल सकता है।

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