इंदौर। दिल्ली के ऐतिहासिक एवं पवित्र गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिसकर्मियों के कथित तौर पर नंगे सिर और हाथों में डंडे लेकर प्रवेश करने की घटना पर मध्य प्रदेश कांग्रेस सद्भावना एवं कौमी एकता प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सच सलूजा ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए केंद्र की भाजपा सरकार से सिख समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। सच सलूजा ने कहा कि सरकार छात्रों के प्रदर्शन को कुचलने के प्रयास में गुरुद्वारा साहिब तक कैसे पहुंच गई?
सिख समाज के लिए केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, सेवा, समानता और मानवता का पवित्र केंद्र है। ऐसे पवित्र स्थान पर प्रवेश करते समय सिख मर्यादाओं, धार्मिक भावनाओं और परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। पुलिसकर्मी नंगे सिर और हाथों में डंडे लेकर गुरुद्वारा परिसर में दाखिल हुए हैं, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए ओर कहा की आखिर ये सरकारें सिक्खों की भावनाओं को लगातार आहत क्यों कर रही हे यह भी एक चिंतनीय विषय है । उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि राजधानी दिल्ली के पवित्र धार्मिक स्थल पर ऐसी स्थिति क्यों बनी और धार्मिक मर्यादाओं के पालन को सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए। सरकार केवल औपचारिक बयान देकर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। सिख संगत की भावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार को सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करना चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। सच सलूजा ने देश-विदेश की सिख संगत से अपील की कि इस घटना को गंभीरता से लें, तथ्यों की जानकारी प्राप्त करें और अपने धार्मिक सम्मान एवं मर्यादाओं की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तथा शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि विरोध का रास्ता संविधानसम्मत होना चाहिए, लेकिन धार्मिक आस्था और सम्मान से जुड़े सवालों पर समाज की एकजुट आवाज लोकतंत्र में महत्वपूर्ण है।
उन्होंने अंत में कहा कि भारत की पहचान उसकी धार्मिक विविधता, आपसी भाईचारे और सर्वधर्म समभाव से है। किसी भी धर्म के पवित्र स्थल की मर्यादा और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है। सरकार सिख संगत से माफी मांगे, घटना की निष्पक्ष जांच कराए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए।