उज्जैन। नगर निगम ने विकास कार्यों में नवाचार और संसाधनों के बेहतर उपयोग का उदाहरण पेश करते हुए वार्ड क्रमांक 5 स्थित ऐतिहासिक गंधर्व तालाब के सौंदर्यीकरण में पुरानी डिवाइडर रेलिंग का पुनः उपयोग किया है। इस पहल से तालाब परिसर की सुरक्षा और सुंदरता में वृद्धि हुई है, वहीं निगम को करीब 20 से 22 लाख रुपये की बचत भी हुई है।
नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देशन में शहर में सड़क चौड़ीकरण एवं निर्माण कार्यों के दौरान हटाई गई डिवाइडर रेलिंग और अन्य अनुपयोगी सामग्री को कबाड़ में डालने के बजाय विभिन्न विकास परियोजनाओं में उपयोग करने की पहल की जा रही है।
इसी क्रम में वार्ड क्रमांक 5 स्थित गंधर्व तालाब परिसर की बाउंड्रीवाल के लगभग 450 मीटर हिस्से में पुरानी रेलिंग की मरम्मत, रंग-रोगन और आवश्यक सुधार के बाद पुनः स्थापित किया गया। इससे तालाब परिसर को आकर्षक स्वरूप मिलने के साथ-साथ सुरक्षा भी सुनिश्चित हुई है।
यह रेलिंग महामृत्युंजय द्वार से मित्तल एवं इम्पीरियल होटल मार्ग के सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान हटाई गई थी। यदि नई रेलिंग खरीदी जाती, तो नगर निगम को लगभग 20 से 22 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ते। पुरानी रेलिंग के पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) से न केवल आर्थिक बचत हुई, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के सतत उपयोग का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत हुआ।
नगर निगम की यह पहल ‘वेस्ट टू वैल्यू’ की अवधारणा को साकार करते हुए विकास कार्यों में नवाचार, मितव्ययिता और पर्यावरण संरक्षण का सफल मॉडल बनकर सामने आई है।