निगमायुक्त पहुंचे वार्ड 4 एमपी नगर एवं पद्मावती एवेन्यू ऐसी सफाई की पानी की निकासी की व्यवस्था ही नहीं -नालियों के अवैध निर्माण को तोड़ते हुए सफाई करवाये जाने के दिए निर्देश

उज्जैन। नालियों पर अतिक्रमण की स्थिति एक नहीं अनेक क्षेत्रों में सामने आ रही है। ऐसे में नालियों में पानी की निकासी बाधित हो रही है और पानी भरने की समस्या सामने आ रही है। निगमायुक्त अभिलाष मिश्रा ने ऐसे ही मामले में निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए हैं कि ड्रेनेज समस्या के स्थायी समाधान के लिए पूर्व से निर्मित नालियों पर से अवैध निर्माण हटाते हुए कनेक्टिंग नालियों का निर्माण कर स्थायी पानी निकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में जलभराव एवं ड्रेनेज की समस्या उत्पन्न न हो।

निगम आयुक्त सोमवार को वार्ड क्र. 4 अन्तर्गत एमपी नगर एवं पद्मावती एवेन्य की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सम्पूर्ण क्षेत्र में नालियों से पानी निकासी नहीं होने की समस्या पाई गई जिस पर आयुक्त द्वारा सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि नालियों के चेम्बरों की नियमित एवं समुचित सफाई सुनिश्चित तथा सभी नालियों की पूर्ण रूप से सफाई कराई जाए, चेम्बर अवरुद्ध पाए जाने पर ड्रेनेज समस्या के स्थायी समाधान के लिए पूर्व से निर्मित नालियों पर से अवैध निर्माण हटाते हुए कनेक्टिंग नालियों का निर्माण कर स्थायी पानी निकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में जलभराव एवं ड्रेनेज की समस्या उत्पन्न न हो।निगम आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वार्ड में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन निर्धारित समय पर पहुंचे तथा स्थानीय नागरिकों को गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण करने के लिए सम्बन्धित एजेंसी द्वारा जागरूक किया जाए।

समन्वय अभाव में मेन लाईन टूटी-

नगर निगम के कार्यों में संपर्क,समन्वय,सहयोग के अभाव में एक बार फिर से शहर के लोगों को जल अभाव में दिन निकालने पर मजबूर होना पडा है।सोमवार तड़के ब्रिज निर्माण में लगी पोकलेन ड्रिलिंग मशीन ने हरिफाटक ओवरब्रिज के नीचे गऊघाट संयंत्र से आ रही मैन पाइपलाइन तोड़ दी। जल सप्लाई के समय लाइन टूटने से अधिकतर जगह पानी नहीं बंटा, जहां पानी सप्लाय हुआ वहां गंदा ही हुआ। नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी आए दिन पेयजल पाईप लाईनों में होने वाली टूट फूट को लेकर साईड वार उपयंत्रियों को जिम्मेदारी दे चुके हैं उसके बाद भी पाईप लाईन फूटने के मामले आम हैं। मुख्य लाईन के फूटने से हरिफाटक ब्रिज के नीचे का क्षेत्र पूरी तरह से तालाब में तब्दील हो गया था। खास यह रहा कि जिस दौरान पाईप लाईन क्षतिग्रस्त की गई उसी दौरान शहर में पानी की सप्लाय जारी थी जिससे तेज गति से पानी बहा और गड्ढे में गई गंदगी भी पाईप लाईन के साथ घरों तक पहुंच गई। शहर के कई क्षेत्र इससे प्रभावित हुए हैं। इधर सामने आ रहा है कि निर्माण एजेंसियों एवं नगर निगम के बीच समन्वय एवं संपर्क के साथ सहयोग का पूरा अभाव है।

चौडीकरण के मकानों की मजबूती जांचेंगे –

रविवार को निगमायुक्त अभिलाष मिश्रा ने कंठाल चौराहा से सतीगेट एवं छत्री चौक तक बाबा महाकाल की शाही सवारी मार्ग की प्रगति रिपोर्ट की मॉनिटरिंग कर निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि को निर्देशित किया कि मार्ग में कंठाल चौराहे से सती गेट मकानों के हटाने के पश्चात मकानों की मजबूती का परीक्षण लैब में करवाए। भवन अधिकारी इस बात का विशेष ध्यान रखे कि गिराऊ एवं जर्जर अवस्था में निर्माणाधीन भवन को शीघ्र हटाए। निर्माण एजेंसी द्वारा सती गेट से खड़े हनुमान मंदिर तक मलबे को हटाकर प्रीकास्ट ड्रेन का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। मार्ग पर जल की निकासी के लिए संबंधित ठेकेदार सिवर मशीन का उपयोग कर निकासी सुनिश्चित करे। निरीक्षण के दौरान छत्री चौक चौराहे पर नाली के ऊपर मौजूद अस्थाई अतिक्रमण को उन्होंने हटवाया।

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