नईदिलली। श्री अमरनाथ यात्रा इस वर्ष 3 जुलाई को शुरू होगी और रक्षा बंधन यानि 28 अगस्त को समाप्त होगी, जो कुल 57 दिनों तक चलेगी। भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए प्रथम पूजा, 29 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर आयोजित की जाएगी।
जम्मू के लोकभवन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि यात्रा के लिए अग्रिम पंजीकरण 15 अप्रैल को आफलाइन और आनलाइन दोनों तरीकों से शुरू होगा। उपराज्यपाल ने कहा कि पंजीकरण सुविधा देश भर में जेएंडके बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और यस बैंक की 554 शाखाओं में उपलब्ध होगी।
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक पंजीकृत तीर्थयात्री और सेवा प्रदाता को रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) जारी किया जाएगा।
यात्रियों का समूह बीमा-
पंजीकृत तीर्थयात्रियों को समूह दुर्घटना बीमा मिलेगा, जिसमें बीमा राशि बढ़ाकर रु प्रति व्यक्ति 10 लाख, टट्टुओं की आकस्मिक और प्राकृतिक दोनों मौतों के लिए कवरेज- राष्ट्रीय पशुधन मिशन के माध्यम से प्रति पशु 50,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे।
प्री-पेड प्रणाली से टट्टू,पिट्ठू,पालकी बुकिंग-
उपराज्यपाल ने कहा कि पवित्र गुफा तक और पवित्र गुफा से पंजतरणी तक बालटाल अक्ष के साथ ग्रिड बिजली की आपूर्ति उपलब्ध होगी। यात्रा ट्रैकों को पर्याप्त रूप से रोशन किया जाएगा। तीर्थयात्रियों को यात्रा में आसानी के लिए विभिन्न ई-सेवाएं और टट्टू, पिट्ठू, पालकी आदि किराए पर लेने के लिए प्री-पेड प्रणाली उपलब्ध होगी। यात्री निवास सुविधाएं बालटाल, पंथा चौक (श्रीनगर), नुनवान और चंद्रकोट में उपलब्ध होंगी।
दोनों मार्ग से एक साथ शुरू होगी-
इस वर्ष श्री अमरनाथ जी यात्रा 3 जुलाई को दोनों मार्गों – अनंतनाग जिले में पहलगाम ट्रैक और गंदरबल जिले में बालटाल से एक साथ शुरू होगी और रक्षाबंधन के दिन इसका समापन होगा। श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं और सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए विभिन्न उपायों और हस्तक्षेपों का प्रस्ताव भी रखा गया है।