हादसे से उद्वेलित मां बगलामुखी भक्त मंडल आंदोलन पर अडिग:सोमवार को फिर से बंद का आव्हान

उज्जैन। आगर मालवा जिले के नलखेडा में मां बगलामुखी मंदिर मार्ग पर हुए हृदय विदारक हादसे में आठ भक्तों की मौत की घटना के बाद मां बगलामुखी भक्त मंडल द्वारा इस घटना के लिए जिम्मेदारों पर कोई कार्यवाही न होने पर जहां घटनास्थल के समीप पांचवें दिन भी धरना प्रदर्शन किया गया। इसी के साथ रविवार को अनिश्चितकालीन नगर बंद रहा। इस दौरान शहर के सभी प्रतिष्ठान बंद रहे एवं मंदिर में पूजन हवन कार्य भी बंद रहा है। भक्त मंडल ने देर शाम एक साथ निकलकर शहर में सोमवार को भी बंद का आव्हान कर दिया है।मां बगलामुखी भक्त मंडल ने घटना स्थल एवं अंबेडकर चौक के बीच में धरने की शुरूआत की थी। प्रतिदिन धरना जारी है। ऐसे में शनिवार को आव्हान किया गया कि रविवार को नगर बंद रहेगा। नागरिकों को फल फ्रूट एवं सब्जी भी मुहैया नहीं हुई। शहर के व्यापारियों ने भी घटना पर अपना आक्रोश जताते हुए बंद का समर्थन करते हुए अपने-अपने व्यवसाय स्वेच्छा से बंद किये। होटल व्यवसायियों द्वारा भी बंद रखे जाने से नागरिक चाय के लिए इधर-उधर भटकते देखे गए। माँ बगलामुखी मंदिर पर हवन पूजन के कार्य भी बंद रहे।

मां बगलामुखी भक्त मंडल द्वारा चलाये जा रहे चरणबद्ध आंदोलन को लेकर जिला कलेक्टर तथा जिला पुलिस अधीक्षक रविवार को नलखेड़ा पहुंचे। जहां उनके द्वारा प्रतिनिधि मंडल से चर्चा की गई। लेकिन चर्चा पर सहमति नहीं बन पाई। जिससे धरना प्रदर्शन भी जारी रहा एवं बंद भी नहीं खुला। धरना प्रदर्शन के बाद भी भक्त मंडल द्वारा की जा रही मांगों के संबंध में कोई कार्यवाही नहीं किए जाने के बाद चरणबद्ध आंदोलन के तहत  रविवार से अनिश्चितकालीन नगर बंद रखे जाने का आह्वान किया गया है।

पंडितों ने मंदिर की यज्ञ शाला में हवन नहीं किए-

बंद में अति आवश्यक सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया था। बावजूद इसके मेडिकल व्यवसायियों द्वारा सांकेतिक रूप से दो घंटे अपने प्रतिष्ठान बंद रख बंद को समर्थन दिया। बंद को समर्थन प्रदान करते हुए बगलामुखी मंदिर के समस्त पंडित एवं आचार्य द्वारा भी हवन पूजन कार्य बंद रखा गया। जिसके चलते जहां हवन शालाओं में प्रतिदिन लगभग 1000 से अधिक हवन होते थे एवं हवन शाला परिसर में मंत्रों की गूंज सुनाई देती थी वहां रविवार को सन्नाटा पसरा रहा।

कलेक्टर-एसपी पहुंचे नलखेडा-

इधर मां बगलामुखी भक्त मंडल द्वारा चलाए जा रहे चरणबद्ध आंदोलन को लेकर रविवार को जिला कलेक्टर डा. शेर सिंह मीना एवं जिला पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी सहित अनुविभागीय अधिकारी देवकुंवर सोलंकी, एसडीओपी देवनारायण यादव भक्त मंडल के सदस्यों से चर्चा के लिए माता मंदिर पहुंचे जहां उन्होंने एक प्रतिनिधिमंडल से उनकी मांगों को लेकर चर्चा की गई। चर्चा के दौरान जिला कलेक्टर ने मां बगलामुखी की इस घटना के लिए न्यायिक जांच करवाने तथा एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्यवाही की बात कही गई। इसी के साथ अन्य बातें भी रखी। वहीं  प्रतिनिधि मंडल द्वारा भी इस घटना को लेकर अन्य बिंदुओं को रखा गया। लेकिन वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तथा प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों के बीच चर्चा पर सहमति नहीं बनने से जहां धरना प्रदर्शन अनवरत जारी रहा वहीं नगर बंद भी नहीं खुल पाया।

8 मांगे मानी,पटवारी को हटाया-एसडीएम-भक्त मंडल के अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन एवं बंद को लेकर एसडीएम सुसनेर देवकुंवर सोलंकी ने बताया कि भक्त मंडल के साथ 8 मांगों पर हमारी चर्चा हुई है। तकरीबन सभी को मान लिया गया है। हादसे की घटना में जिम्मेदार पर कार्रवाई को लेकर हमारी जांच प्रचलित है। मंदिर में लगे पटवारी को वहां से हटा दिया गया है।

Share:

संबंधित समाचार

Leave a Comment