फर्जी डॉक्टर के इलाज से मौत के मामले में मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान:प्रकरण पंजीबद्ध

टांडा (धार)-– 19 जून को कथित झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज से हुई 7 वर्षीय मासूम माधव की मौत के मामले में अब मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कलेक्टर धार को पत्र लिखा। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनीता सिंगारे ने दो सदस्यीय जांच समिति गठित की। जांच समिति में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. नरेंद्र पवैया एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश मारू शामिल हैं। मंगलवार को दोनों अधिकारी जांच के लिए टांडा पहुंचे। उनके साथ जिला महामारी विशेषज्ञ लक्ष्मी माहोर एवं बाग विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. नितिन श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। अस्पताल से जानकारी लेकर परिजनों के घर पहुंचाजांच दल सबसे पहले टांडा अस्पताल पहुंचा और मामले से संबंधित जानकारी जुटाई। इसके बाद टीम ग्राम कालीदेवी पहुंची, जहां मृतक बालक माधव के परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली।
                                                                                        जांच के बाद टीम टांडा थाने पहुंची और पुलिस कार्रवाई से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की। जांच समिति के अधिकारी डॉ. नरेंद्र पवैया ने बताया कि कथित झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से 7 वर्षीय बालक माधव की मौत के संबंध में मानवाधिकार आयोग भोपाल का 3 अगस्त का पत्र प्राप्त हुआ है। आयोग के निर्देश के बाद टीम मामले की जांच एवं आगामी कार्रवाई के लिए टांडा पहुंची है।अनाधिकृत रूप से इलाज करने की बात सामने आई डॉ. पवैया ने बताया कि अब तक की जांच में यह सामने आया है कि संबंधित व्यक्ति अनाधिकृत रूप से इलाज कर रहा था। बच्चे की मौत गलत उपचार के कारण होने की बात भी प्रारंभिक जांच में सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं मृत बालक का उपलब्ध फोटो के आधार पर भी प्रारंभिक तौर पर इसी दिशा में संकेत मिले हैं।उन्होंने बताया कि संबंधित डॉक्टर के विरुद्ध परिजनों के बयान पर पुलिस के द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध किया जा चुका है तथा वैधानिक कार्रवाई भी की  है। जांच पूरी होने के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों को आर्थिक सहायता तथा मामले से जुड़ी अन्य आवश्यक जानकारी सहित विस्तृत प्रतिवेदन मानवाधिकार आयोग को भेजा जाएगा।
Share:

संबंधित समाचार

Leave a Comment