उज्जैन। भगवान श्री महाकालेश्वर के मंदिर में त्रि संयोग में लाखों श्रद्धालु का बहाव आया हैं। श्रावण सोमवार ,नागपंचमी के साथ मंदिर में श्रावण सवारी में भगवान के दर्शनों के लिए श्रद्धालु आतुर रहे हैं। श्रावण सोमवार के तहत अपरांह् 4 बजे मंदिर से निकली सवारी में भगवान के रजत पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरूड रथ पर शिवतांडव स्वरूप के दर्शन श्रद्धालुओं ने किए हैं। सवारी मार्ग पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु इसके लिए जूटे हुए थे।मंदिर के सभागृह में भगवान चंद्रमौलेश्वर स्वरूप का पूजन अर्चन करने के उपरांत उन्हें पालकी में सवार किया गया। इसके उपरांत पालकी को कांधा देकर नगर भ्रमण के लिए प्रस्थित किया गया। मंदिर के गेट पर सशस्त्र गारद ने पालकी में सवार भगवान को सलामी दी गई। इसके साथ ही नगर भ्रमण का क्रम शुरू हुआ। भगवान के तीनों स्वरूपों के दर्शन के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालू मार्ग के दोनों और बेरिकेडस के बाहर जमे हुए थे। सवारी के सामने पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने दोनों हाथ उठाकर जय श्री महाकाल का जय घोष किया। यह क्रम सतत रूप से सवारी के परंपरागत मार्ग पर चलता रहा। शिप्रा तट रामघाट पहुंचने पर पालकी में सवार भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर सहित तीनों स्वरूपों का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद एक बार पून: सवारी परंपरागत मार्ग से होती हुई श्री सिंधिया देव स्थान ट्रस्ट के श्री द्वारकाधीश गोपाल मंदिर पहुंची यहां पर परंपरागत पूजन अर्चन किया गया। देर शाम सवारी के मंदिर पहुंचने पर एक बार पून: भगवान को गार्ड आफ आनर पेश किया गया।नागपंचमी के अवसर पर रविवार –सोमवार दरमियानी मध्य रात्रि को श्री महाकालेश्वर मंदिर के तल पर स्थित भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के पट 24 घंटों के दर्शन के लिए खोले गए। यहां महानिर्वाणी अखाडा के महंत विनित गिरी ने पूजन अर्चन किया। मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक सहित ,संभागायुक्त अशीषसिंह,कलेक्टर रोशन कुमार सिंह,एसपी प्रदीप शर्मा ने भी पूजन किया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के अनवरत दर्शन का क्रम शुरू हुआ। नागचंद्रेश्वर दर्शन के लिए 2 किलोमीटर से अधिक लंबी कतार श्रद्धालुओं की देखी गई। देर शाम तक करीब 9 लाख से अधिक लोगों के दर्शन करने की जानकारी सामने आ रही है। मंदिर प्रबंध समिति ने एक घंटे में दर्शन का दावा किया था लेकिन श्रद्धालुओं का कहना था कि 2-3 घंटे उन्हें दर्शन में लगे हैं। नागपंचमी के अवसर पर त्रिकाल पूजा यहां की गई। दोपहर 12 बजे महानिर्वाणी अखाडा महंत विनित गिरी ने ध्वज पूजन किया गया। इस ध्वज को श्री महाकालेश्वर मंदिर के शिखर पर लगाया गया।श्रावण सोमवार के तहत श्री महाकालेश्वर भगवान के दर्शन के लिए भी जमकर श्रद्धालु उमडे हैं। यहां भी लंबी कतार दर्शनों के लिए रही है। दर्शनों की कतार का क्रम त्रिवेणी संग्रहालय से शुरू हो रहा था। मंदिर समिति के श्रद्धालुओं को 40 मिनिट में दर्शन का दावा करीब डेढ घंटे से अधिक समय लगा है। यहां भी लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए हैं।