ग्राम स्वराज यात्रा में सरपंचों ने भरी अधिकारों की हुंकार: 30 को भोपाल में करेंगे प्रदर्शन

खरगोन राष्ट्रीय सरपंच संघ द्वारा समूचे प्रदेश में निकाली जा रही ग्राम स्वराज अधिकार बचाओ यात्रा रविवार को शहर पहुंची। दामखेड़ा मंदिर परिसर में जिले के सरपंचों ने यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान राष्ट्रीय सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह तोमर ने यात्रा की जानकारी देते हुए कहा कि ग्राम स्वराज अधिकार में सरपंचों को अधिकार के मुताबिक अधिकार नहीं दिए जाते जबकि कहां कुछ और जाता है। सरपंचों को  उनके अधिकार दिलाने और ग्राम स्वराज को मजबूत करने के लिए यह यात्रा दतिया जिले से शुरु की गई है। अब तक करीब 28 जिलों में यह यात्रा पहुंच चुकी है, जहां अपने अधिकारों के लिए सरपंच एकजुट नजर आए। 30 सितंबर को यह यात्रा भोपाल में बड़े आंदोलन के साथ समापन होगी।  उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्राम स्वराज के तहत 2 करोड़ रुपए की राशि आवंटन करने की घोषित की, जबकि यह राशि पंचायतों तक पहुंची नही है। ऐसे में ग्रामीणों के बीच पंचायत की छवि खराब हो रही है। सरपंच-सचिव को जवाब देना मुश्किल हो रहा है।प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष शिवेंद्र बघेल ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारें धीरे-धीरे पंचायतों के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों में कटौती कर रही हैं, जिससे स्थानीय स्वशासन की अवधारणा कमजोर पड़ रही है।  सरपंच संघ जिलाध्यक्ष उमराव सिंह वास्कले ने कहा कि मनरेगा बंद कर जीबी रामजी योजना में भी सरपंचों के अधिकारों को खत्म कर, झूठी वाहवाही लूटी जा रही है। शासन- प्रशासन में बैठे अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों पर पंचायत के अधिकारों को समाप्त करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरपंच अब अपने हक-अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। चाहे कुछ भी हो जाए।  उन्होंने मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन और अन्य विकास योजनाओं में पंचायतों की भूमिका को सीमित किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने  कहा कि ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार दिए जाने चाहिए, ताकि स्थानीय स्तर पर वास्तविक निर्णय किए जा सकें। सरपंचों ने एक स्वर मेें कहा कि पंचायतों को अपनी आय के स्रोत बढ़ाने और विकास कार्यों का निर्णय स्वयं करने का अधिकार होना चाहिए।  यह यात्रा आगामी दिनों में भी जारी रहेगी।

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