इंदौर।मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने स्पष्ट किया है कि वकील की गलती के लिए मुवक्किल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने महिला के खिलाफ निचली अदालत में हुई एकतरफा कार्रवाई और उससे जुड़े आदेश निरस्त कर दिए। महिला चंडीगढ़ में रहती हैं और इंदौर में चल रहे केस की जानकारी अपने वकील से वॉट्सऐप के जरिए ले रही थीं। हाई कोर्ट ने पाया कि वकील ने उन्हें मामले की वास्तविक स्थिति के बजाय गलत जानकारी दी थी। कोर्ट ने निचली अदालत को महिला को दोबारा सुनवाई का अवसर देने और कानून के अनुसार नया आदेश पारित करने के निर्देश दिए हैं।जस्टिस संदीप एन. भट्ट ने 30 अक्टूबर 2026 को ज्योति सिंह की याचिका पर यह फैसला सुनाया। महिला ने संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत याचिका दायर कर 16 फरवरी और 1 सितंबर 2026 के आदेशों के साथ 23 सितंबर 2025 की एकतरफा कार्रवाई को चुनौती दी थी। मामला इंदौर के सिविल जज वरिष्ठ श्रेणी के न्यायालय में विचाराधीन है।
वकील की गलती के लिए मुवक्किल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता :हाई कोर्ट ने एकतरफा आदेश किया निरस्त