इंदौर। प्रॉपर्टी विवाद का सेटलमेंट कराने के नाम पर लाखों रुपए लेने और काम नहीं कराने का सनसनीखेज आरोप सामने आया है। शिकायत सीधे क्राइम ब्रांच तक पहुंची है, जिसमें शिकायतकर्ताओं राहुल यादव और विनोद सरेल ने गैंगस्टर सतीश पंवार उर्फ भाऊ, रोहित बनासिया उर्फ सैनी और रवि चिक्लीश पर रकम वसूलने के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रॉपर्टी विवाद खत्म कराने और मामला सेटल कराने के नाम पर अलग-अलग समय में उनसे रकम ली गई। रकम देने के बाद भी विवाद का समाधान नहीं हुआ। इतना ही नहीं, रुपए वापस मांगने पर कथित तौर पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
खाते में पहुंचे 3.29 लाख, बाकी नकद का दावा- शिकायत के साथ लगाए गए बैंक और यूपीआई दस्तावेजों में रोहित बनासिया के नाम से जुड़े खाते में अलग-अलग तारीखों पर रकम ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आई है। पांच भुगतान दस्तावेजों में कुल 3 लाख 29 हजार 998 रुपए के ट्रांजैक्शन बताए गए हैं। दस्तावेजों के मुताबिक 19 जुलाई 2025 को 99,999 रुपए का यूपीआई भुगतान किया गया। इसी दिन 49 हजार और 1 हजार रुपए के अलग-अलग एनईएफटी ट्रांजैक्शन भी दर्ज हैं। इसके अगले दिन 20 जुलाई को 1 लाख 49 हजार 999 रुपए का एनईएफटी ट्रांसफर किया गया, जिसके रिकॉर्ड में ‘payment for shop’ दर्ज है। 23 जुलाई को एक अन्य यूपीआई ट्रांजैक्शन में 30 हजार रुपए भेजे जाने की जानकारी है।
शिकायतकर्ताओं ने इसके अलावा एक मकान के पेटे 8 लाख रुपए लेने का दावा किया है। इसमें करीब 3.30 लाख रुपए ऑनलाइन और 5 लाख रुपए नकद देने की बात कही गई है। वहीं जमीन के पेटे 6 लाख रुपए नकद देने का भी आरोप लगाया गया है।
*भाऊ के नाम पर दबाव, रुपए देने के बाद भी काम अधूरा!-
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्रॉपर्टी विवाद के सेटलमेंट के नाम पर उन्हें सतीश भाऊ के नाम का हवाला देकर रकम देने के लिए दबाव बनाया गया। अलग-अलग माध्यमों से भुगतान करने के बावजूद विवाद का समाधान नहीं हुआ।
जब रकम वापस मांगने की कोशिश की गई तो शिकायतकर्ताओं के मुताबिक उन्हें कथित तौर पर कहा गया कि रुपए वापस नहीं मिलेंगे और बार-बार फोन करने पर अच्छा नहीं होगा।
*अब क्राइम ब्रांच खोलेगी लेन-देन की पूरी कुंडली*
शिकायत पहुंचने के बाद मामला अब जांच के दायरे में है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि बैंक और यूपीआई के जरिए जिन खातों में रकम पहुंची, उसका वास्तविक मकसद क्या था? रकम प्रॉपर्टी विवाद के सेटलमेंट के लिए ली गई थी या लेन-देन की कहानी कुछ और है? शिकायत में लगाए गए सतीश भाऊ और उसके कथित गुर्गों की भूमिका कितनी है, यह भी जांच के बाद ही साफ होगा।
बैंक रिकॉर्ड, यूपीआई ट्रांजैक्शन, प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज और शिकायतकर्ताओं के बयान इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में अहम साबित हो सकते हैं। फिलहाल आरोप गंभीर हैं और क्राइम ब्रांच के सामने शिकायत पहुंचने के बाद अब लाखों के इस कथित सेटलमेंट खेल की असली कहानी जांच में सामने आने का इंतजार है।