चर्चित नाथूलाल हत्याकांड में पिपलोदा जप उपाध्यक्ष सुरेश जाट समेत  8 को आजीवन कारावास

रतलाम ।  जिले के जावरा क्षेत्र के बहुचर्चित कंचनखेड़ी नाथूलाल चौधरी हत्याकांड में जावरा न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश  जे.बी.एस. राजपूत की अदालत ने गत  दिवस इस  हत्याकांड  में निर्णय सुनाते हुए पिपलोदा के कांग्रेस नेता  जनपद उपाध्यक्ष सुरेश जाट समेत  आठ आरोपियों को दोषी करार दिया। सभी आरोपियों को हत्या  के अपराध के लिए आजीवन कारावास  की सजा सुनाई गई है।  रिकॉर्ड के अनुसार मामले की रिपोर्ट  विकास पिता मुकेश चौधरी निवासी ग्राम आक्या कोली, जिला उज्जैन (हाल मुकाम ग्राम कंचनखेड़ी, पिपलौदा) ने दर्ज कराई थी। फरियादी ने पुलिस को बताया था कि वह अपने रिश्ते के नानाजी नाथूलाल चौधरी के साथ खेती का काम करता था और घटना वाले दिन खेत पर मौजूद था। उसकी रिपोर्ट पर पुलिस ने पहले धारा  307, 147, 120-बी  के तहत मामला दर्ज किया, बाद में नाथूलाल की मृत्यु होने पर धारा  302  जोड़ी गई थी ।अभियोजन के अनुसार  24 जनवरी 2024  को सुबह  11 बजे से 11:45 बजे के बीच  नाथूलाल चौधरी खेत की ओर जा रहे थे। उसी दौरान  पिपलोदा जनपद उपाध्यक्ष सुरेश जाट, राहुल जाट, कपिल जाट, विकास उर्फ भूरा जाट, सुभाष जाट, बलराम जाट, अवतार सिंह जाट और विक्रम जाट ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने लोहे की टॉमी, लोहे के पाइप, लाठी-डंडों और अन्य घातक हथियारों से हमला किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपियों ने नाथूलाल को जान से मारने की नीयत से बेरहमी से पीटा, जिससे उनके हाथ-पैरों, उंगलियों और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं और अत्यधिक रक्तस्राव हुआ।

इलाज के दौरान हुई मौत-घटना के बाद घायल नाथूलाल को पहले  जावरा सिविल अस्पताल, फिर रतलाम मेडिकल कॉलेज और बाद में  इंदौर रेफर किया गया। कई दिनों तक इलाज चलने के बावजूद 3 फरवरी 2024 को उनकी मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर गंभीर चोटें और कई स्थानों पर फ्रैक्चर पाए गए, जिन्हें अदालत ने हत्या के लिए पर्याप्त चिकित्सकीय साक्ष्य माना।

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