सारंगपुर।सरकारी सिविल अस्पताल की व्यवस्थाएं इन दिनों पूरी तरह पटरी से उतर चुकी हैं। मरीजों को संक्रमण से बचाने और सुरक्षित माहौल देने का दावा करने वाला यह अस्पताल खुद घोर अव्यवस्थाओं का शिकार है। बुधवार को दोपहर 3:30 बजे अस्पताल की ओपीडी से सामने आई तस्वीरों ने सुरक्षा और स्वच्छता के तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी है। अस्पताल की ओपीडी में जहाँ मरीज इलाज के लिए कतारों में खडे होते है, वहीं एक गाय बेखौफ घूमती नजर आई। इस हिस्से में मवेशी के अचानक बिदकने से बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर मरीजों के चोटिल होने का सीधा खतरा बना हुआ है। मरीजों का सवाल है कि सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी के बावजूद मवेशी ओपीडी तक कैसे पहुँच रहे हैं।लेबर रूम में चूहों से नवजातों पर खतरा-अव्यवस्था का यह आलम केवल ओपीडी तक सीमित नहीं है। अस्पताल के लेबर रूम (प्रसूति वार्ड) में चूहों की भारी मौजूदगी की बात सामने आई है। नवजात बच्चों और प्रसूता महिलाओं के इतने करीब चूहों का घूमना बेहद गंभीर और जानलेवा लापरवाही है। इससे न केवल मेडिकल सामान को नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि लेप्टोस्पायरोसिस और अन्य घातक संक्रमण फैलने का डर भी सता रहा है।प्रबंधन का आश्वासन-मामला तूल पकडने पर अस्पताल प्रबंधन ने अपनी सफाई पेश की है। सारंगपुर के सीबीएमओ डॉ. केएल भीलवारे ने बताया कि मवेशियों की रोकथाम के इंतजाम किए गए थे, लेकिन गाय अंदर कैसे आई, इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने लेबर रूम से चूहों को हटाने और सफाई व्यवस्था में तुरंत सुधार करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, स्थानीय निवासियों और मरीजों की माँग है कि केवल आश्वासन के बजाय जिम्मेदार सुरक्षा एजेंसी और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
सिविल अस्पताल की ओपीड़ी में घूम रही गाय, लेबर रूम में चूहों का आतंक