सिंहस्थ -28 में फूलों की मांग से धन की आमद होगी,कृषकों को पुष्प खेती से होगा लाभ उज्जैन एवं आसपास के जिलों में जमकर होगी फूलों की खेती -नीबू,पपीता,जामफल ,ककडी,तरबूज,खरबूज का उत्पादन किसानों को करेगा मालामाल

 

उज्जैन। सिंहस्थ -28 का आयोजन में जिले के ही नहीं आसपास के  कृषकों के लिए धन की वर्षा लेकर आने वाला है। अप्रेल –मई में आयोजित सिंहस्थ से पूर्व अखाडों की जमात उज्जैन पहुंच जाएगी। उसके उपरांत नगर में पेशवाई निकलेगी। इस दौरान फूलों की मांग जमकर होगी इस दौरान कृषकों की मेहनत पर जमकर धन वर्षा होगी। इस मांग की पूर्ति के लिए उज्जैन सहित आसपास के जिलों में कृषकों को पुष्पों की खेती के लिए योजना तय की जा रही है।भरी गर्मी में आयोजित होने वाला सिंहस्थ कृषकों के लिए बेहतर अवसर लेकर आएगा। इस दौरान नीबू,पपीता,जामफल जैसे फलों की मांग भी जमकर रहने वाली है। पानी की पूर्ति करने वाले फलों में ककडी,तरबूज की भी मांग भरपूर रहेगी और ये भरी गर्मी में किसानों के लिए धन वर्षा की स्थिति लेकर आएगी।सिंहस्थ -28 में फूलों को लेकर योजना अमल में लाई जा रही है । इस दौरान फूलों की मांग अपने उच्चतम स्तर पर होगी। गेंदा फसल के लिए जिले के सभी विकासखंडों में 22 क्लस्टरों में 230 ग्रामों में 4200 हेक्टेयर में खेती की जाएगी। इससे जिले के लगभग 3755 कृषक लाभांवित होंगे।गुलाब  के फूलों की फसल के लिए उज्जैन, घट्टिया, महिदपुर एवं खाचरौद विकासखण्डों में 5 क्लस्टरों में 47 ग्रामों में 240 हेक्टेयर में फसल ली जाएगी। जिले के लगभग 270 कृषक लाभांवित होंगे।अभी भी खासा उत्पादन-वर्तमान में भी उज्जैन में फूलों का जमकर उत्पादन होता है। जिले के उन्हेंल, उज्जैन, खाचरौद तहसीलों में फूलों की खेती अच्छे स्तर पर की जा रही है। प्रति दिन ट्रेनों के माध्यम से टनों फूल उज्जैन से मुंबई,बडोदरा,सुरत, दिल्ली सहित देश के अलग-अलग स्थानों को भेजा जा रहा है। बारिश के दौरान यह स्थिति थोडी कमजोर हुई है। वर्तमान में बिजली का फूल जमकर चलन में है। खास यह है कि फूलों को परिवहन की पर्याप्त एवं समयानुकुल स्थिति होने से कृषक इसे बराबर कर रहे हैं।

 

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