उज्जैन। राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में महापौर मुकेश टटवाल ने कहा कि शहर के प्रत्येक वार्ड, गली एवं मोहल्ले में कमर्शियल प्रॉपर्टी की संख्या में वृद्धि हुई है। ऐसी सभी संपत्तियों का पुनः सर्वे कराया जाए तथा जिन संपत्तियों का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, उनका नियमानुसार कमर्शियल श्रेणी में पंजीयन करते हुए शत-प्रतिशत व्यावसायिक दर से कर वसूली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी संपत्ति कर अधिकारियों को अपने-अपने जोन क्षेत्र में नियमित रूप से सर्वे एवं निरीक्षण करने के निर्देश दिए।शहर में लगातार बढ़ रही व्यावसायिक गतिविधियों के दृष्टिगत नगर निगम द्वारा कमर्शियल प्रॉपर्टी की पहचान एवं राजस्व वसूली को और प्रभावी बनाया जाएगा। इसी क्रम में महापौर ने गुरुवार को यह बैठक ली और अधिकारियों को राजस्व वसूली बढ़ाने एवं करदाताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बडे बकायादार लक्ष्य-
महापौर ने 12 सितंबर को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत को दृष्टिगत रखते हुए बड़े बकायादारों को चिन्हित करने तथा उनसे लंबित संपत्ति कर एवं अन्य करों की बकाया राशि जमा करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक बकायादारों को कर जमा करने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे निगम की राजस्व आय में वृद्धि के साथ शहर के विकास कार्यों को भी गति मिले।
ईमानदार करदाताओं का होगा सम्मान-
महापौर ने कहा कि जो करदाता समय पर अपने करों का भुगतान कर नगर विकास में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, वे प्रशंसा के पात्र हैं। ऐसे नियमित एवं जिम्मेदार करदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए नगर निगम द्वारा सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को वार्डवार नियमित करदाताओं की सूची तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि उत्कृष्ट करदाताओं को सम्मानित किया जा सके।
पोर्च अतिक्रमण पर सख्ती हो-
महापौर ने दुकानदारों द्वारा पोर्च एवं सार्वजनिक स्थानों पर किए जा रहे अतिक्रमण को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोर्च नागरिकों की सुविधा एवं आवागमन के लिए होता है, अतिक्रमण के लिए नहीं। पोर्च एवं सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को ऐसे अतिक्रमणों को चिन्हित कर नियमानुसार सख्ती से हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
ट्रेड लाइसेंस जरूरी-
महापौर ने शहर के सभी दुकानदारों एवं व्यवसायियों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक दुकान एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान का नगर निगम से ट्रेड लाइसेंस होना आवश्यक है। जिन दुकानदारों ने अभी तक ट्रेड लाइसेंस नहीं बनवाया है, वे नियमानुसार ट्रेड लाइसेंस बनवाएं और नगर के व्यवस्थित विकास एवं निगम की व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान करें।