सुबह से धूप निकली,दोपहर उपरांत बादलों ने धूम मचाईपांच दिन देरी से ही सही,आया मानसून झूम के -अव्यवस्था खुलकर सामने आई,  नाली का पानी सडकों पर पसरा,कई जगह पानी भरा

उज्जैन। शनिवार को 5 दिन से अधिक देरी से मानसून अंतत: उज्जैन पर मेहरबान हुआ है। दोपहर तक कडक धूप के बाद मौसम ने पलटा खाया और बादल छा गए। इसके बाद बादलों ने धूम मचाने का क्रम शुरू किया जो देर शाम तक जारी रहा है। मध्य दोपहर एक समय ऐसा भी रहा कि जिसमें नए शहर में सूखा देखा गया और पुराने शहर में झमाझम बारिश हो रही थी। मानसून के आगमन के साथ ही अव्यवस्था एवं समस्याओं ने मुंह खोल दिया है। शहर के कई हिस्सों में नाली का गंदा पानी सडकों पर पसर गया । इसी अव्यवस्था एवं समस्या से दो चार होते हुए राहगिरों का आवागमन रहा है।

मानसून के आगमन को लेकर सभी की टकटकी आसमान की और लगी हुई थी । गर्मी से आमजन का बूरा हाल हो रहा था। उमस के कारण पंखे एवं कुलर भी अब कमजोर साबित होने लगे थे। ऐसे में मानसून का बेसब्री से इंतजार हो रहा था। मानसून ने शनिवार को आकर इस इंतजार को समाप्त कर दिया है। खास यह रहा कि मानसून के आगमन पर जैसा बिजली कडकने एवं बादलों के गडगडाहट की आवाज होती है वैसा कुछ इस बार नहीं देखा गया है। सामान्य रूप से ही बादल घिर आए और बरसे हैं।

फूहार से शुरूआत,जोरदार-

धार्मिक शहर उज्जैन के दोनों भाग में मानसून के आगमन का समय भी अलग-अलग रहा है। पुराने शहर में दोपहर 12 बजे के लगभग करीब आधे घंटे से अधिक जोरदार बारिश दर्ज की गई थी। आगर रोड,मंगलनाथ,बियाबानी चौराहा सहित अधिकांश क्षेत्र में बारिश दर्ज की गई थी। इस दौरान नए शहर फ्रीगंज और कोठी क्षेत्र में पूरी तरह से मौसम साफ था। इसके करीब 3घंटे के अंतराल में एक साथ पूरे शहर पर बादल छाए और नए-पुराने दोनों हिस्सों को तरबतर कर दिया। देर शाम तक बारिश का दौर समाचार लिखे जाने तक बारिश का दौर हल्के और तेज में जारी रहा।

अव्यवस्था एवं समस्या उभरी-

मानसून के आते ही शहर में अव्यवस्था एवं समस्याएं उभरकर सामने आ गई। नालियों के जाम होने से शहर के विभिन्न हिस्सों में बारिश का पानी गंदगी के साथ सडकों पर फैल गया। नए शहर के फ्रीगंज क्षेत्र में ही कई जगह यह स्थिति देखी गई। यही हाल पुराने शहर के कंगाल पुरा क्षेत्र में भी रही सडकों पर आधा से एक फीट पानी भर गया था। चौडीकरण के क्षेत्रों में अव्यवस्था एवं समस्याओं ने मुंह फाड लिया था। कई क्षेत्रों में गंदगी एवं किचड की स्थिति भी उभर गई थी।

मानसून की देरी से सब्जी की कमी-

मानसून के देरी से आने से अब आम लोगों की रसोई प्रभावित हुई है। हरी सब्जियों की आवक में भारी कमी दर्ज की जा रही है, जिससे टमाटर, गिलकी, लौकी, पालक और बैंगन जैसी रोजमर्रा की सब्जियों के दाम तेजी से बढ़ गए हैं। कई शहरों में सब्जियों की कीमतें पिछले कुछ दिनों में काफी ऊपर पहुंच गई हैं, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।

3 इंच बारिश,तापमान में गिरावट-

इधर बारिश के चलते तापमान में एक दम से गिरावट दर्ज की गई है। उमस भी गिरी है और गुलाबी हवा का दौर रहा है। दोपहर से लेकर देर रात तक करीब 3 इंच से अधिक बारिश मानसून के आगमन के साथ ही दर्ज की गई है। शासकीय जीवाजी वेधशाला अधीक्षक डा. राजेन्द गुप्त के अनुसार शाम को वेधशाला में दिन भर की 59 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। शनिवार को न्यूनतम तापमान 25.8 एवं अधिकतम 35.0 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज किया गया है। आर्द्रता सुबह 80 एवं शाम को 95 प्रतिशत दर्ज की गई है। अब तक जून में कुल 73.4 मिली मीटर वर्षा दर्ज की जा चुकी है। इस दौरान सुबह 10 किलोमीटर एवं शाम को 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली है।

करंट फैला बकरा-बकरी मरे-

बारिश के दौरान जूना सोमवारिया क्षेत्र के वार्ड 13 में मस्जिद के पास बिजली के खंभे में करंट फैल गया, जिसकी चपेट में आने से आठ बकरों की मौत होने की जानकारी सामने आ रही है। इस मामले में लोगों का कहना था कि क्षेत्र में लगे डीपी को हटाने और विद्युत व्यवस्था सुधारने के लिए पहले भी कई बार अधिकारियों को शिकायतें दी गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

 

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