ब्रह्मास्त्र इंदौर
हाई कोर्ट की ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में इस बार कामकाज बढ़ा दिया गया है। रजिस्ट्री द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार अब अवकाश के दौरान सप्ताह में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को कोर्ट खुलेगी। पहले छुट्टियों में सप्ताह में दो दिन (सोमवार, गुरुवार) ही सुनवाई होती थी, लेकिन इस बार 30 दिनों की छुट्टियों में 12 दिन कोर्ट काम करेगा।
जमानत मामलों को प्राथमिकता से सूचीबद्ध किया जाएगा। धारा 438 और 439 सीआरपीसी एवं एससी-एसटी एक्ट की पहली जमानत अर्जियां बिना अलग अर्जेंट आवेदन के भी लगेंगी। अन्य मामलों के लिए अर्जेंट सुनवाई आवेदन जरूरी रहेगा।
हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के इस नवाचार का सबसे बड़ा फायदा जमानत, अग्रिम जमानत व अन्य विशेष मामलों के लिए होगा। जमानत, अग्रिम जमानत के कामकाजी दिनों में रोजाना 700-800 केस जजेस के सामने लग रहे हैं।
हर दिन करीब 100 मामलों की ही सुनवाई हो पा रही है। अग्रिम जमानत के मामले 10-15 दिन में भी बोर्ड पर नहीं लग पाते हैं। निचली अदालत से सजा होने पर हाई कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी लगाने पर 30 से 35 दिन तक भी वक्त लग रहा है। वेकेशन में 12 दिन कोर्ट खुलने से लंबित मामलों में भारी कमी आएगी।
कौन से जज उपलब्ध रहेंगे- सर्कुलर में अवकाश के दौरान उपलब्ध रहने वाले जजों की अलग रोस्टर सूची भी जारी की गई है। प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को निर्धारित डिवीजन बेंच और सिंगल बेंच मामलों की सुनवाई करेंगी।
बेंच में जजेस की संख्या भी बढ़ सकती है अधिवक्ता मनीष यादव के मुताबिक अवकाशकालीन बेंच में जजेस की संख्या भी बढ़ सकती है। दो से तीन जजेस सुनवाई के लिए उपलब्ध रह सकते हैं। स्थगन के विशेष मामलों के लिए सोमवार, बुधवार, शुक्रवार के अलावा भी दिनों में अर्जी लगाकर विशेष सुनवाई करवा सकते हैं।