नई दिल्ली।कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने सोमवार को महिला आरक्षण को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने द हिन्दू (अखबार) में लिखा कि पीएम विपक्षी दलों से उन बिलों का समर्थन करने की अपील कर रहे हैं, जिन्हें सरकार संसद के विशेष सत्र में जबरदस्ती पास कराना चाहती है।उन्होंने लिखा कि यह सब तब हो रहा है जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार अपने चरम पर है। इस जल्दबाजी का सिर्फ एक ही मकसद राजनीतिक फायदा उठाना है। सरकार ने 2023 में ही ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को संसद में पास कर लिया था, लेकिन इसे अगली जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन के बाद ही लागू करने की शर्त रखी गई।वहीं संसद के विशेष सत्र के लिए कांग्रेस, भाजपा और जेडीयू ने व्हिप जारी कर 16 से 18 अप्रैल तक अपने सभी सांसदों को संसद में मौजूद रहने को कहा है।
सोनिया गांधी का दावा- महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन असली मुद्दा:पूछा- विशेष सत्र की क्या जरूरत; 3 पार्टियों का व्हिप जारी